IAS एसोसिएशन ने चश्मा पहनने को बताया गलत
चश्मा पहनकर प्रधानमंत्री की अगवानी कर चर्चा में आए बस्तर कलेक्टर अमित कटारिया मामले में छत्तीसगढ़ आईएएस एसोसिएशन भी कूद आया है। छत्तीसगढ़ आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष एन.बैजेंद्र कुमार ने कहा है कि आईएएस के विवाद की वजह से पीएम मोदी का छत्तीसगढ़ दौरा उपलब्धियों से भरपूर होने के बावजूद मीडिया का अटेंशन पाने से रह गया।
उनहोंने कहा कि राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री जैसी महत्वपूर्ण हस्तियों के आगमन पर या 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों के मौके पर जिलाधिकारियों को निर्धारित ड्रेस कोड में रहने की परंपरा चली आ रही है और उस परंपरा को वर्तमान में भी निभाया जाना चाहिए था। लेकिन अगर किसी कारण से ऐसा नहीं हो पाया तो वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से नोटिस जारी करना एक सामान्य और रुटीन का काम है। इसे गैरजरूरी महत्व नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा नोटिस या एडवाइजरी भविष्य में भी वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से दी जा सकती है।
चश्मा पहनने पर DM कटारिया को मिला था नोटिस
प्रधानमंत्री मोदी के बस्तर दौरे के दौरान बस्तर जिले के कलेक्टर अमित कटारिया ने सही रस्मी पोशाक नहीं पहनी थी और धूप का चश्मा लगाए हुए थे। सामान्य प्रशासन विभाग ने जिलाधिकारी कटारिया को इस संबंध में नोटिस भेजा था। नोटिस में कहा गया था कि उनका यह कृत्य ऑल इंडिया सर्विस (कंडक्ट) रूल्स 1968 की कंडिका 3 (1) के विपरीत है।
इसी प्रकार दंतेवाड़ा कलेक्टर देवसेनापति को भी प्रधानमंत्री की अगवानी के दौरान सही रस्मी पोशाक नहीं पहनने के मामले में नोटिस भेजकर चेताया गया था कि उनका यह कृत्य ऑल इंडिया सर्विस (कंडक्ट) रूल्स 1968 की कंडिका 3 (1) के विपरीत है और अशोभनीय है।