{"_id":"9e2f2bc4-ccd7-11e2-80c9-d4ae52bc57c2","slug":"cheque-bounce-wont-be-legal-offence","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेक बाउंस होगा, तो कानूनी मुकदमा नहीं होगा!","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
चेक बाउंस होगा, तो कानूनी मुकदमा नहीं होगा!
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 04 Jun 2013 10:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जो लोग चेक बाउंस को लेकर कानूनी मुकदमेबाजी से गुजर रहे हैं, उनके लिए एक अच्छी खबर है।
विज्ञापन
सरकार जल्द ही नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट में संशोधन करेगी, जिसके बाद बैंक चेक बाउंस मामलों में आरोपी को अदालत में नहीं घसीट सकेंगे।
इस तरह के सभी मामलों का निपटारा लोक अदालतों के तहत होने वाले सेटलमेंट, आर्बिट्रेशन के जरिए होगा।
ऐसा अनुमान है कि देश भर की अदालतों में लंबित मामलों में से 30 फीसदी से ज्यादा चेक बाउंस या ट्रैफिक चालान से जुड़े हैँ। और इनकी तादाद में कमी लाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
एक्ट में बदलाव को लेकर कानून मंत्रालय वित्त और परिवहन मंत्रालयों के साथ विचार-विमर्श कर रहा है, ताकि इन दोनों श्रेणियों के तहत आने वाले मामलों को अदालत में न भेजा जाए।
विज्ञापन
अगर ऐसे किसी मामले में आपराधिक मंशा शामिल हैं, तो वह जरूर अदालत में ले जाया जा सकता है।