सत्ता गई पर नहीं कम हुई 'अम्मा' की हनक
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गणतंत्र दिवस परेड़ में शामिल झाकियां जहां राज्यों की संस्कृति और उनकी रीति नीति को प्रदर्शित करती हैं वहीं चेन्नई की निकली झाकियों में अलग ही नजारा रहा। चेन्नई की गणतंत्र दिवस परेड में शामिल झाकियों में हर तरफ पूर्व मुख्यमंत्री और एआईडीएमके प्रमुख जयाललिता ही छाई रहीं।
हर झाकीं पर उन्हीं की छाप दिखी। किसी झांकी में वह अपनी सरकार की किसी कल्याणकारी योजना का प्रचार करती नजर आईं तो किसी में अपने नाम से शुरू किए गए उत्पाद को हाथों में थामे दिखीं।
आलम ये रहा कि परेड में जितनी झांकी में शामिल रहीं उन सभी में किसी न किसी रूप में अम्मा के नाम से प्रसिद्ध जयाललिता की छाप नजर आई। यह हाल तब था जब परेड के दौरान तमिलनाडु के राज्यपाल और मुख्यमंत्री जैसे प्रमुख व्यक्ति इस परेड में शामिल रहे।
भ्रष्टाचार में सजा मिलने पर छोड़नी पड़ी थी गद्दी
इससे एक बात तो साफ है कि तमिनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयाललिता को बेशक भ्रष्टाचार के आरोपों में अपनी गद्दी छोड़नी पड़ी हो लेकिन इससे उनके समर्थकों और पार्टी में उनका प्रभाव कम नहीं हुआ है। आज भी उन्हें अपने राज्य में जबरदस्त जनसमर्थन प्राप्त है।
जबकि हाल ही में आय से अधिक संपति रखने और भ्रष्टाचार के एक पुराने मामले में उन्हें चार साल कैद की सजा के साथ ही 100 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है। फिलहाल सुप्रीमकोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत प्रदान की हुई है।
वहीं चेन्नई में उनके नाम पर निकली झाकियों के बाद उनकी आलोचना भी शुरू हो गई है। राज्य के विपक्षी दलों ने उन्हें निशाने पर ले लिया है।