{"_id":"ed3f55a8-0fd7-11e2-a185-d4ae52ba91ad","slug":"chavan-cut-closest-ajit-officers-rights","type":"story","status":"publish","title_hn":"चव्हाण ने अब अजीत के करीबी अफसरों के पर कतरे","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
चव्हाण ने अब अजीत के करीबी अफसरों के पर कतरे
मुंबई/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Oct 2012 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण अजीत पवार की विदाई के बाद अब उनके विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के पर कतरने में जुट गए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश से अजीत के साथ उपमुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त लगभग 70 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में वापस भेजा जा रहा है।
मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक अजीत के कार्यालय में नियुक्त निजी सचिवों, विशेष कार्य अधिकारी और निजी सहायकों सहित एक दर्जन आला अधिकारियों व कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और सोमवार तक इनको उनके मूल विभाग में जाने का आदेश पत्र सौंप दिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को अजीत ने मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में उनसे मुलाकात की थी। बाद में जब अजीत पवार से शुक्रवार की रात को एक समारोह में मीडिया ने इस मुलाकात के बारे में पूछा तो उनका जवाब था कि यह सदिच्छा भेंट की तरह थी। वहीं जब भुजबल से शारदा में आयोजित एक समारोह में पूछा गया कि वह तो सरकार में नंबर दो की हैसियत पा गए तो उनका उत्तर था कि मैं कोई पद पाने की लालसा नहीं रखता।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक अजीत के कार्यालय में नियुक्त निजी सचिवों, विशेष कार्य अधिकारी और निजी सहायकों सहित एक दर्जन आला अधिकारियों व कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और सोमवार तक इनको उनके मूल विभाग में जाने का आदेश पत्र सौंप दिया जाएगा।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को अजीत ने मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में उनसे मुलाकात की थी। बाद में जब अजीत पवार से शुक्रवार की रात को एक समारोह में मीडिया ने इस मुलाकात के बारे में पूछा तो उनका जवाब था कि यह सदिच्छा भेंट की तरह थी। वहीं जब भुजबल से शारदा में आयोजित एक समारोह में पूछा गया कि वह तो सरकार में नंबर दो की हैसियत पा गए तो उनका उत्तर था कि मैं कोई पद पाने की लालसा नहीं रखता।
विज्ञापन