फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   chargesheet registar against amit shah in hate speech case.

अमित शाह पर पुलिस की चार्जशीट कोर्ट ने लौटाई

Wed, 10 Sep 2014 10:50 PM IST
Updated Wed, 10 Sep 2014 10:50 PM IST
विज्ञापन
chargesheet registar against amit shah in hate speech case.

लोकसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने के मामले में पुलिस ने बुधवार को भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 123/3 के तहत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की लेकिन कोर्ट ने यह कहकर चार्जशीट वापस कर दी कि इसमें ढेर सारी खामियां हैं। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह ठीक से विवेचना कर दुरुस्त चार्जशीट दाखिल करे।

विज्ञापन


49 वर्षीय शाह पर चार्जशीट में धर्म, जाति, समुदाय के आधार पर वोट मांगने का आरोप लगाया गया था। विवेचक भरत लाल शाह की ओर से बुधवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए 4 अप्रैल को मुजफ्फरनगर आए शाह ने शहर के गांधी कॉलोनी स्थित भावना पैलेस और ककरौली क्षेत्र के जड़वड़ कटिया गांव में सभाओं को संबोधित किया था।
विज्ञापन


12 अप्रैल को नई मंडी और ककरौली थाने में उनके खिलाफ भड़काऊ भाषण का मामला दर्ज किया गया था। शाह के भाषण को संज्ञान में लेते हुए चुनाव आयोग ने उनके यूपी में चुनावी सभाओं पर रोक लगा दी लेकिन बाद में इसे हटा भी लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या बोले थे शाह

chargesheet registar against amit shah in hate speech case.

* पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह चुनाव सम्मान का चुनाव है। अपमान के बदले का चुनाव है। एक व्यक्ति भूखा-प्यासा और बिना सोए भी रह सकता है, लेकिन उसका अपमान हुआ हो तो वह जीवित नहीं रह सकता। अपमान का बदला लिया जाना चाहिए।
* हमारे साथ दूसरे दर्जे के नागरिकों की तरह बर्ताव किया गया। मुगलों के समय में तलवार से बदला लिया जाता था, अब आपको बटन दबाना है।
* केंद्र में जिस दिन मोदी की सरकार बनती है, उसके दो दिनों के अंदर यूपी में मुल्ला मुलायम की सरकार गिर जाएगी। आपके एक वोट से दो काम हो रहे हैं। देश में मोदी की सरकार बनेगी और सपा सरकार भी चली जाएगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया
निर्वाचन आयोग ने बयान को लेकर अमित शाह को नोटिस जारी किया था। नोटिस का जवाब दे दिया गया। आयोग ने पूरी छानबीन के बाद सामान्य चेतावनी देकर प्रकरण को खत्म कर दिया था। पुलिस आयोग के निर्देश पर मुकदमा दर्ज करने की बात कह रही है, जब आयोग ने ही मामले को खत्म कर दिया तो एफआईआर का औचित्य क्या है। चार्जशीट केवल सपा के दबाव में दाखिल की गई है।

बिजनौर में भी दर्ज है मामला
अमित शाह के खिलाफ बिजनौर में भी भड़काऊ भाषण देने की रिपोर्ट दर्ज है। यह रिपोर्ट तत्कालीन एसडीएम सदर/सहायक निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने दर्ज कराई थी। चार अप्रैल को उन्होंने बिजनौर में दलित सम्मेलन में भाषण दिया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि शाह का भाषण प्रथम दृष्टया धर्म, संप्रदायों के बीच वैमनस्यता उत्पन्न करने वाला है। शाह व आयोजकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 153ए व लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 125 के तहत रिपोर्ट दर्ज है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed