फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   change in selection process of middle school teachers in up.

यूपी: माध्यमिक शिक्षकों की चयन प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी

Fri, 02 Jan 2015 08:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Fri, 02 Jan 2015 08:55 AM IST
विज्ञापन
change in selection process of middle school teachers in up.

उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की चयन प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी है। सरकार अब उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से अधियाचन एवं समायोजन की जिम्मेदारी लेकर उसे माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को सौंपने की तैयारी में है। इस बारे में सरकार की ओर से निदेशक माध्यमिक शिक्षा से प्रस्ताव मांगा गया है।

विज्ञापन


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए माध्यमिक विद्यालयों में खाली पदों की जानकारी अभी तक सीधे चयन बोर्ड जिला विद्यालय निरीक्षकों के  माध्यम से जुटाते रहे हैं। चयन बोर्ड के अधिकारियों का जिला विद्यालय निरीक्षकों पर सीधा नियंत्रण नहीं होने के कारण पदों की सूचना देने में मनमानी की शिकायतें मिलती रहीं हैं। अधियाचन के बाद सबसे महत्वपूर्ण काम चयन और समायोजन का होता है। इन दोनों प्रक्रियाओं में चयन बोर्ड के कर्मचारी एवं अधिकारी मनमानी करते हैं।
विज्ञापन


अधियाचन के जरिए मिले पदों पर मनमाने तरीके से चयन बोर्ड के कर्मचारी अपने तरीके से समायोजित करके तैनात करते हैं। इस बात को लेकर चयन बोर्ड पर कई बार भ्रष्टाचार के आरोप भी लग चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस बात को लेकर चयन बोर्ड के अधिकारी एवं सदस्यों में कई बार आरोप-प्रत्यारोप सामने आ चुके हैं। चयन बोर्ड की आपसी कलह के कारण की जानकारी जुटाने के बाद सरकार को यह पता चला है कि यहां से अधियाचन एवं समायोजन टकराव के कारण बनते हैं।


अब चयन बोर्ड सरकार की ओर से मिले खाली पदों का विज्ञापन निकालकर उसकी चयन प्रक्रिया पूरी करके सरकार के पास भेजेगा, इन पदों पर नियुक्ति शिक्षा निदेशालय अथवा प्रदेश के नियुक्ति विभाग की ओर से जारी किए जाएंगे। सरकार की ओर से नियुक्ति और पदों की जानकारी जुटाने का काम अपने हाथ में लेने का निर्णय हाईकोर्ट की उस टिप्पणी से जुड़ा है, जिसमें कोर्ट ने भी कहा था कि अभ्यर्थी का जिस पद के सापेक्ष चयन हुआ है, उसी पर नियुक्ति की जाए। प्रदेश में इस प्रकार के हजारों मामले सामने आए हैं, जिसमें अभ्यर्थियों को विज्ञापित पदों के विपरीत नियुक्ति दे दी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed