फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Chandrashekhar rao back off congress

चुनावों से पहले सोनिया को लगा बड़ा झटका

Sun, 16 Mar 2014 09:43 AM IST
Updated Sun, 16 Mar 2014 09:43 AM IST
विज्ञापन
Chandrashekhar rao back off congress

अलग तेलंगाना राज्य बनने पर कांग्रेस के रंग में रंगने का वादा करने वाले तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने कांग्रेस को जबरदस्त झटका दिया है।

विज्ञापन


पहले कांग्रेस में विलय से इंकार कर चुके राव ने शनिवार को कांग्रेस से चुनावी गठबंधन से भी इंकार कर दिया। साथ ही राव ने कांग्रेस में तोड़फोड़ के अपने इरादे भी जाहिर कर दिए हैं।

विज्ञापन

चौंकाने वाला फैसला

Chandrashekhar rao back off congress

माना जा रहा है कि राव ने केंद्र में सत्ता बदलने की संभावनाओं के मद्देनजर अपना विकल्प खुला रखा है। राव के इस फैसले से कांग्रेस हाईकमान हक्का-बक्का है।

राव ने कांग्रेस से गठबंधन न करने के लिए अपनी पार्टी के 90 फीसदी नेताओं की राय न होने का बहाना किया है, लेकिन राजनीतिक सच्चाई यही है कि केंद्र में सरकार बनने के संभावित नए समीकरणों और तेलंगाना के सबसे दबंग क्षत्रप बनने की रणनीति के तहत राव ने यह फैसला किया है।

हाश‌िए पर कांग्रेस

Chandrashekhar rao back off congress

कांग्रेस के साथ गठबंधन से इंकार कर राव ने सोनिया गांधी से किए गए वादे को तोड़ दिया है। तेलंगाना राज्य बनने से पहले उन्होंने सोनिया से वादा किया था कि राज्य बनने के बाद वह अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर देंगे।

सीमांध्र में वाईआरएस कांग्रेस के जगन मोहन रेड्डी के उदय के बाद खुद को हाशिए पर पा रही कांग्रेस ने तेलंगाना के 17 लोकसभा सीटों पर अपनी पताका फहराने की रणनीति के तहत आंध्र प्रदेश के बंटवारे को तमाम विरोधों के बावजूद संसद के आखिरी सत्र में अंजाम दिया था।

विज्ञापन

यूपीए को चुनौती

Chandrashekhar rao back off congress

मगर राव ने पहले विलय और अब गठबंधन से इंकार कर कांग्रेस को नाजुक मोड़ पर छोड़ दिया है। तेलंगाना में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए राव ने कांग्रेस के सांसदों व विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल करने की कसरत भी तेज कर दी है।

साथ ही उन्होंने यूपीए गठबंधन का हिस्सा रहे एमआईएम नेता असादुद्दीन ओवैसी से गठबंधन कर हैदराबाद में कांग्रेस के खाते में जाने वाले मुस्लिम वोटों को भी अपने पाले में लाने की मोर्चाबंदी कर ली है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed