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चंद्रा और संपादकों के लाई डिटेक्टर टेस्ट की तैयारी
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Dec 2012 10:28 PM IST
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जिंदल स्टील से 100 करोड़ रुपये की उगाही का प्रयास करने के मामले में जी न्यूज के चेयरमैन सुभाष चंद्रा और दोनों संपादक सुधीर चौधरी व समीर अहलूवालिया पूछताछ में तथ्यों को छिपा रहे हैं। यह तर्क रखते हुए सोमवार को दिल्ली पुलिस ने अदालत से आग्रह किया है कि इन तीनों का लाई-डिटेक्टर टेस्ट और आवाज के नमूने लेकर जांच जरूरी है। इस आवेदन पर 12 दिसंबर को सुनवाई होगी। इस बीच कोर्ट ने पहले से गिरफ्तार दोनों संपादकों को 22 दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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साकेत स्थित ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुधांशु कौशिक के समक्ष पेश जांच अधिकारी ने तीन आवेदन दाखिल किए। उन्होंने कहा कि चंद्रा व उनके बेटे पुनीत गोयनका के साथ सुधीर तथा समीर को आमने-सामने बिठाकर 8 और 9 दिसंबर को पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं, मगर चारों ही कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर गुमराह कर रहे हैं। चारों से कई बार सच्चाई जानने का प्रयास किया गया, लेकिन वे जांच को इधर-उधर घुमा रहे हैं।
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जांच अधिकारी ने कहा कि मामले की गहराई से जांच के लिए और सामने आए साक्ष्यों को पुख्ता करने के लिए तीनों का लाई-डिटेक्टर टेस्ट जरूरी है। जांच अधिकारी ने कहा कि इन तीनों के टेस्ट कराने के लिए उनकी रजामंदी जरूरी है, इसलिए उनसे रजामंदी ली जाए ताकि टेस्ट जल्द से जल्द हो सके। यह टेस्ट लोधी रोड स्थित लैब में ही कराए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्रा व उनका बेटा मामले में संदिग्ध हैं और उन्हें उगाही के प्रयास की पूरी जानकारी थी।
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अधिकारी ने आगे कहा कि जिंदल स्टील से उगाही की बातचीत के दौरान सुधीर व समीर ने सुभाष चंद्रा से बातचीत की थी और उनकी आवाज रिकॉर्ड है। सुधीर व समीर की आवाज की पहचान करने के लिए उनकी आवाज के सैंपल लेकर पुख्ता करना है कि रिकॉर्ड की गई आवाज इन दोनों की ही है। अदालत में पेश ऑडियो व वीडियो सीडी की पहले ही रिपोर्ट आ चुकी है कि वे असली हैं। इसलिए दोनों की आवाज के सैंपल लेना जरूरी है।
इसके अलावा उन्होंने अदालत से दोनों संपादकों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आग्रह किया। इन दोनों को शनिवार को दो दिन की रिमांड पर लिया गया था। अदालत ने सभी तथ्य देखने के बाद संपादकों को 22 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वहीं तीनों आवेदनों को संबंधित अदालत में स्थानांतरित करते हुए इन पर सुनवाई 12 दिसंबर तय कर दी।