फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   centre want temporary license to existing operators

मौजूदा ऑपरेटर्स को अस्थायी लाइसेंस देना चाहता केंद्र

Tue, 08 Jan 2013 10:31 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 08 Jan 2013 10:31 PM IST
विज्ञापन
centre want temporary license to existing operators

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने तक उन मौजूदा ऑपरेटर्स को सेवाएं जारी रखने के लिए अस्थायी लाइसेंस देने पर विचार कर सकता है, जिनके लाइसेंस अदालत ने रद्द कर दिए थे। सरकार ने कहा है कि वह यह व्यवस्था इसलिए करना चाहती है ताकि सेवाओं में कोई बाधा न आए। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह मार्च, 2013 तक नीलामी की प्रक्रिया पूरी कर लेगी।

विज्ञापन


सर्वोच्च अदालत में दूरसंचार विभाग के सचिव आर. चंद्रशेखर की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया है कि सरकार ने दिल्ली, मुंबई, कर्नाटक और राजस्थान क्षेत्रों में सेवा प्रदान करने के लिए एक बार और नीलामी का निर्णय लिया है।
विज्ञापन


पिछले दौर में इन चारों क्षेत्रों में 1800 मेगाहर्ट्ज और सभी 21 सेवा क्षेत्रों में 800 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए कोई आवेदन नहीं प्राप्त हुआ था। इसी वजह से नए सिरे से नीलामी करना तय किया गया है। सरकार की ओर से 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए चारों क्षेत्रों में सेवा प्रदान करने के लिए कम दरें रखी गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा 800 मेगाहर्ट्ज के दाम पर विचार किया जा रहा है। सरकार ने यह भी तय किया है कि 900 मेगाहर्ट्ज बैंड की नीलामी 3 मेट्रो सेवा क्षेत्रों में की जाएगी। उनके लाइसेंसों का नवीनीकरण नवंबर 2014 में होना है। ट्राई की सिफारिशों के मुताबिक नीलामी की प्रक्रिया 18 माह पहले शुरू की जानी चाहिए।

सरकार ने हलफनामे में कहा है कि जिन ऑपरेटर्स के लाइसेंस रद्द नहीं किए गए थे और फरवरी, 2012 के फैसले में जिनके लाइसेंस रद्द कर दिए गए थे, उन सभी को इस वर्ष की 18 जनवरी तक सेवाएं जारी रखने का मौका दिया गया था। ताकि सेवा में कोई बाधा न उत्पन्न हो। अदालत ने उन्हें प्रस्तावित नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने तक सेवा देने की मंजूरी नहीं दी थी।


हलफनामे में सरकार ने राय दी है कि अदालत इन ऑपरेटरों के लिए शर्त रखे कि उन्हें गत वर्ष 19 दिसंबर के बाद से स्पेक्ट्रम के एवज में प्रस्तावित नीलामी में तय किए गए दाम देने होंगे। यदि 18 जनवरी के बाद उन ऑपरेटर्स (जिनके लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं) को आगे सेवा देने की मंजूरी नहीं दी जाती तो सेवा सुचारु रखने के लिए सरकार को उनकी सेवाओं को जारी रखने के लिए अस्थायी लाइसेंस देने पर विचार करना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed