'अच्छे दिन' जाने वाले हैं, मौसम विभाग ने दिए सूखे के संकेत
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अगर आप सोच रहे कि महंगाई से आपको कुछ निजात मिलेगी तो इसकी संभावना बेहद कम ही नजर आ रही है।
मौसम विभाग ने जो संभावनाएं जताई हैं उसके मुताबिक आसार ऐसे ही हैं कि इस बार मॉनसून थोड़ा झटका दे सकता है।
केंद्रीय विज्ञान और तकनीक मंत्री हर्षवर्धन ने मौसम विभाग के हवाले से कहा है कि इस बार देश में केवल 88 फीसदी बारिश की संभावना है। जो सामान्य से बेहद कम है।
उत्तर पश्चिम क्षेत्र में 85 फीसदी बारिश का अनुमान है जो कि सामान्य से कम है। इसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान पर होगा।
केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने किया ऐलान
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि मौसम विभाग के ताजा मिले पूर्वानुमान पर गौर करें तो इस बार देश में 88 फीसदी बारिश हो सकती है। जो कि सामान्य से 4 से 5 फीसदी कम है। अप्रैल में करीब 93 फीसदी बारिश का अनुमान होता है।
भारतीय मौसम विभाग का भी कहना है कि देश में अप्रैल में 93 फीसदी बारिश होती है।
केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने संबंधित विभाग और इससे जुड़े अधिकारियों से संपर्क साध रखा है। साथ ही हालात के जरूरी कदम उठाने के निर्देश भी उन्होंने दिए हैं।
4 से 5 फीसदी कम बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक इस बार मॉनसून तय समय से करीब तीन दिनों की देरी से 4 जून को केरल के तट पर पहुंचने की संभावना है।
जबकि दक्षिण पश्चिम में मॉनसून तय समय से पहले यानी 21 मई को पहुंच चुका है। इसके चलते अरब सागर में विरोधी चक्रवात का क्षेत्र बन रहा है।
मॉनसून की कमी का असर सबसे ज्यादा खरीफ की फसल पर पड़ेगा। भारतीय खेती मॉनसून पर काफी निर्भर करती है।
पिछले साल भी करीब 12 फीसदी कम बारिश हुई थी, जिसके चलते अनाज, कपास और तिलहन की फसलों पर काफी बुरा असर पड़ा था।