केंद्र का दांव, दो पुरस्कारों से हटाए इंदिरा-राजीव के नाम
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मोदी सरकार ने एक बार फिर से बड़ा दांव खेलते हुए दो पुरस्कारों से कांग्रेस के दो बड़े नेताओं राजीव गांधी और इंदिरा गांधी के नाम हटा दिए हैं।
भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की एनडीए सरकार ने हिंदी को बढ़ावा देने के लिए दिए जाने वाले के दो बड़े पुरस्कारों से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नाम हटा दिए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्र भाषा को बढ़ावा देने के लिए दिए जाने वाले दो पुरस्कारों को बंद कर दिया है और इनकी जगह दो नए पुरस्कार शुरू किए गए हैं।
दो बड़े पुरस्कारों के नाम बदले
गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, करीब दो दशक पहले शुरू किए गए इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार और राजीव गांधी राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेख पुरस्कार की जगह राजभाषा कृति पुरस्कार और राजभाषा गौरव पुरस्कार शुरू किया गया है।
हालांकि गृहमंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि कांग्रेस से जुड़े दोनों पूर्व प्रधानमंत्रियों के नामों वाले पुरस्कारों को भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के चलते नहीं हटाया गया है।
एक अधिकारी ने कहा कि यह पूरी तरह से प्रशासनिक फैसला है। ताकि इन दोनों सम्मानों को ज्यादा उपयोगी बनाया जा सके। मालूम हो कि राजभाषा पुरस्कार की चार श्रेणियों में से दो पुरस्कार राजीव और इंदिरा के नाम के थे।