गे सेक्स कानून पर SC पहुंची सरकार

अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 20 Dec 2013 01:44 PM IST
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समलैंगिक संबंधों को अवैध करार देने वाले कानून को सही ठहराने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की है।
केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में गे सेक्स को गुनाह बताया था। अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के वर्ष 2009 के फैसले को पलटकर 1861 के इस कानून को वैध करार दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने इससे संबंधित भारतीय दंड विधान की धारा 377 में संशोधन करने या उसे निरस्त करने का फैसला संसद पर छोड़ दिया था।

इस कानून के तहत समलैंगिक संबंध बनाने पर दस साल से लेकर उम्र कैद तक का प्रावधान है। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में समलैंगिकता को स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार से जोड़ा था।

सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि सरकार इस कानून में बदलाव कर सकती है और इसके लिए उसे अटॉर्नी जनरल से राय ली जानी चाहिए।

समलैंगिक संबंधों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने निराशा जताई थी।

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