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जासूसी मामले में मोदी को बड़ी कामयाबी!

Tue, 22 Apr 2014 08:06 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 22 Apr 2014 08:06 AM IST
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centre decide to put snoopgate investigation on hold

गुजरात में एक महिला की गैरकानूनी जासूसी का मामला नरेंद्र मोदी और उनके सिपहसालार अमित शाह के गले की हड्डी बन गया था। कांग्रेस पर बेहद आक्रामक अंदाज में हमला बोलने वाले मोदी के खिलाफ चुनावों से ऐन पहले मिले इस धारदार हथियार का इस्तेमाल कांग्रेस समझदारी से करना चाहती थी और ऐसा किया भी गया। मोदी और शाह, दोनों अपनी तरफ से सफाई देते रहे, लेकिन हमले नहीं रुके।

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हालांकि, कुछ दिन पहले खबर आई कि कांग्रेस ने स्नूपगेट कांड को हथियार बनाकर मोदी पर हमला करने की रणनीति बदल दी। इस मामले पर तभी से खामोशी बरती गई। अब पता चला है कि केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच पर भी फिलहाल विराम लगा दिया है। मोदी के लिए यह बड़ी राहत है।
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जांच का फैसला अगली सरकार पर छोड़ा

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केंद्र सरकार की ओर से करीब चार महीने पहले ऐलान किया गया था कि एक जांच आयोग गुजरात सरकार की तरफ से कथित तौर पर कराई गई एक महिला की सर्विलांस से जुड़े मामले की जांच करेगा। लेकिन अब यूपीए सरकार ने इस बात का फैसला अगली सरकार पर छोड़ दिया है।

यूपीए कैबिनेट के जरिए पास हुए सभी लंबित मामलों की हालिया समीक्षा बैठक में गृह मंत्रालय ने फैसला किया क‌ि गुजरात के स्नूपगेट कांड मामले की जांच पर फैसला तब किया जाएगा, जब कैबिनेट की अगली बैठक होगी। स्नूपगेट कांड को लेकर कांग्रेस और दूसरे विरोधी दल नरेंद्र मोदी और उनके दाहिने हाथ अमित शाह पर बार-बार हमले कर रहे हैं।

कोई रिटायर्ड जज तैयार नहीं

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मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "बैठक में ऐसी कई परियोजनाओं और फैसलों पर चर्चा हुई, जिन पर अभी अमल नहीं किया जा सका है। इनमें गुजरात से महिला आर्किटेक्ट की गैर-कानूनी सर्विलांस कराने का मामला भी शामिल है। गृह सचिव ने इस मामले को अगली कैबिनेट बैठक तक होल्ड करने का फैसला किया है।"

सूत्रों का कहना है कि इस आयोग की अगुवाई करने के लिए कई रिटायर्ड जज से संपर्क किया गया था, लेकिन कोई भी इसके लिए तैयार नहीं हुआ। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "कुछ ने यह पेशकश ठुकरा दी, जबकि दूसरों का कहना था कि इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचेगा, क्योंकि आरोप साबित करना संभव नहीं है...खास तौर से तब जब कोई शिकायतकर्ता ही नहीं है।"

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साहेब के इशारे पर हुई थी सर्विलांस!

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केंद्र सरकार ने 26 दिसंबर, 2013 को जांच आयोग के गठन का ऐलान किया था। इससे पहले खबर आई थी कि गुजरात सरकार ने एक महिला की सर्विलांस कराई है और ऐसा कथि‌त तौर पर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर किया गया। पैनल को तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी। लेकिन अब ऐसा नहीं लगता, क्योंकि सरकार ने फैसला ही टाल दिया है।

दरअसल, यह मामला काफी गर्म हो गया था और कांग्रेस ने अपनी महिला नेताओं को उतारकर मोदी पर हमला करने के लिए कहा। उसका कहना था कि टेप में अमित शाह किसी 'साहेब' के इशारे पर यह सर्विलांस करा रहे थे और साहेब कोई और नहीं, बल्कि मोदी थे।

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