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केंद्र ने यूपी सरकार से मांगी रिपोर्ट

Mon, 09 Sep 2013 01:47 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 09 Sep 2013 01:47 PM IST
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centre ask up govt to submit report on riots

केंद्र सरकार ने मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार से रिपोर्ट तलब की है और दंगों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने को भी कहा है।

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आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश में हिंसक घटनाओं के बढ़ने से केंद्र चिंतित है। गृह मंत्रालय के आला अधिकारी लगातार प्रदेश सरकार के संपर्क में बने हुए हैं।
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साथ ही प्रदेश के पश्चिमी जिले में जारी हिंसा को नियंत्रित करने में हरसंभव मदद का भी आश्वासन दिया है।

तस्वीरों में देखिए: मुजफ्फरनगर के दंगों का दर्द
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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्र ने प्रदेश सरकार को सांप्रदायिक तनाव को राज्य के अन्य हिस्सों में भड़कने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है।


इसके अलावा जरूरत पड़ने पर शांति भंग करने और उपद्रव करने वाले लोगों की गिरफ्तारी और घर में ही नजरबंद करने जैसे कदम उठाने को भी कहा है।

गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शनिवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात की थी और उन्हें दंगों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने को कहा था।

शिंदे ने उन्हें हर संभव मदद का भी भरोसा दिलाया था। दरअसल, उत्तर प्रदेश में सपा सरकार आने के बाद लगभग दो दर्जन दंगे व हिंसा की घटनाएं हो चुकी हैं।

खास बात यह है कि ये घटनाएं छोटी-छोटी बातों से शुरू होकर विकराल रूप ले रही हैं। केंद्र को आशंका है कि चुनावी साल में छोटी घटनाओं से इस तरह की विकराल हिंसा को बढ़ाने के पीछे कोई सुनियोजित साजिश है।

मध्य प्रदेश और बिहार से भी इसी तरह की साजिश होने को लेकर खुफिया सूचनाएं मिली हैं। इसलिए गृह मंत्रालय ने संवेदनशील माने जाने वाले सात राज्यों के मुख्य सचिवों और डीजीपी की शुक्रवार को बैठक बुलाई थी।

इसमें देश के विभिन्न हिस्सों में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के हालातों की समीक्षा की गई। गृह मंत्रालय की कोशिश है कि चुनावी साल में इस तरह के  दंगों पर हर हाल में रोक लगाई जाए।

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