अब लाइन पर आ रहे हैं यूपी के केंद्रीय मंत्री

धीरज कनोजिया/दिल्ली Updated Thu, 24 Oct 2013 12:38 AM IST
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central ministers from up are coming on line now

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राहुल गांधी के उत्तर प्रदेश की सियासत में दोबारा सक्रिय होने के साथ ही अब प्रदेश कोटे के केंद्रीय मंत्री भी लाइन पर आने लगे हैं।
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पहले दो महीने तक ध्यान न देने और हाईकमान की बात को नजरअंदाज करने के बाद अब राज्य के आधा दर्जन केंद्रीय मंत्री खुद को मिली जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
हालांकि दिलचस्प बात यह है कि मंत्रियों को जिन जिलों में पार्टी की गतिविधियां तेज करने का काम मिला था, उसके लिए वे महीने में एक हफ्ता ही दे रहे हैं। लिहाजा, हाईकमान भी उनके काम का बोझ कम करते हुए महीने में एक हफ्ते में जिलों के दौरों को पर्याप्त मान रहा है।
केंद्र सरकार में यूपी से छह मंत्री
केंद्र सरकार में उत्तर प्रदेश से छह केंद्रीय मंत्री हैं। सलमान खुर्शीद, बेनी प्रसाद वर्मा और श्रीप्रकाश जायसवाल तीन कैबिनेट मंत्री, जबकि राज्यमंत्री के तौर पर जितिन प्रसाद, प्रदीप जैन और आरपीएन सिंह शामिल हैं।

कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक अब सभी केंद्रीय मंत्री अपने दौरों और गतिविधियों को लेकर हाईकमान को लगातार रिपोर्ट कर रहे हैं। दौरों से संबंधित कार्यक्रम, सभाओं, जिला और ब्लॉक कार्यालयों में शिरकत करने के बारे में बता रहे हैं।

दरअसल, कांग्रेस उपाध्यक्ष बनने के कई महीने बाद अब राहुल भी उत्तर प्रदेश की सियासत में सक्रिय हो रहे हैं। वह अलीगढ़ और रामपुर की रैली के बाद हमीरपुर और सलेमपुर में भी रैलियां करने जा रहे हैं। उसके बाद भी प्रदेश में उनकी कई रैलियां प्रस्तावित है।

प्रदेश में बढ़ा दी मौजूदगी
वह बाकायदा प्रदेश के प्रभारी महासचिव मधुसूदन मिस्त्री से पार्टी की गतिविधियों के बारे में जानकारी ले रहे हैं। लिहाजा, केंद्रीय मंत्रियों ने अब प्रदेश में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है।

गौरतलब है कि प्रदेश के कोटे के मंत्रियों द्वारा राज्य को ही अनदेखा करने से राहुल नाराज थे। उनके निर्देश पर मिस्त्री ने सभी मंत्रियों को 12-12 जिलों का प्रभार दिया था।

मंत्रियों को एक अगस्त से अपना काम शुरू करने को कहा गया था। मगर जिम्मेदारी मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री हाईकमान को अपनी रिपोर्ट नहीं दे रहे थे। पहले महीने में सिर्फ प्रदीप जैन और जितिन प्रसाद ने रिपोर्ट सौंपी थी। बाकी मंत्रियों ने अगस्त और सितंबर की रिपोर्ट नहीं दी थी। मगर अब राहुल की सक्रियता के बाद मंत्री लाइन पर आ रहे हैं।

केंद्रीय मंत्रियों को जिलों का आवंटन
सलमान खुर्शीद- मुजफ्फरनगर, हापुड़, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, संभल, बिजनौर, अमरोहा, सहारनपुर, शामली, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर

बेनी प्रसाद वर्मा- अलीगढ़, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, कासगंज, एटा, हाथरस, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर

प्रदीप जैन- उन्नाव, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, माहोबा, जालौन, फतेहपुर, कानपुर, कानपुर देहात, इटावा, औरेया

जितिन प्रसाद- प्रतापगढ़, कौशाम्बी, इलाहाबाद, जौनपुर, बदायूं, पीलीभीत, बरेली, झांसी, ललितपुर, हरदोई, रामपुर, मुरादाबाद

आरपीएन सिंह- मिर्जापुर, संत रविदास (भदोही), सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, गोरखपुर, महाराजगंज, लखनऊ

श्रीप्रकाश जायसवाल-
कुशीनगर, देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थ नगर, संत कबीर नगर, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, बाराबंकी, फैजाबाद
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