केंद्रीय मंत्री का हिंदी साहित्यकारों पर विवादित बयान
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भोपाल में विश्व हिंदी सम्मेलन शुरू होने से ठीक पहले केंद्रीय मंत्री वीके सिंह का कथित ऑडियो क्लिप सामने आया है। इसमें उन्होंने साहित्यकारों को लेकर कुछ ऐसा कहा कि विवाद हो गया है।
वीके सिंह ने कहा कि हिंदी सम्मेलन में अब तक कई ऐसे साहित्यकार आते थे जो बस खाते, शराब पीते और आलेख पढ़ कर चले जाते थे। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि इस बार कई साहित्यकारों को विश्व हिंदी सम्मेलन के लिए बुलाया ही नहीं गया। जिस पर साहित्यकारों ने नाराजगी जताई है।
मामले में हंगामा बढ़ने पर केंद्रीय मंत्री अपने बयान से पलट गए हैं। उन्होंने कहा कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
कल से शुरू हो रहा है विश्व हिंदी सम्मेलन
बता दें कि विश्व हिंदी सम्मेलन की शुरूआत 10 सितंबर से भोपाल में होने वाली है। इससे एक दिन पहले केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह का एक ऑडियो क्लिप सामने आया। जिसको लेकर विवाद गहराने लगा है।
इस ऑडियो क्लिप में जो बातें हैं उसमें केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बार हिंदी सम्मेलन बिल्कुल अलग होगा क्योंकि इस बार इसमें ऐसे साहित्यकारों को नहीं बुलाया जाएगा जो सम्मेलन में खाने, शराब पीने और आलेख सुनाने के लिए आते हैं।
उनके इस बयान पर मशहूर कवि राजेश जोशी ने पलटवार किया है। राजेश जोशी ने कहा कि उनका ये बयान साहित्यकारों का अपमान है। ये बयान उनकी सोच को दिखाता है।
उन्होंने आगे कहा कि आखिर कौन से ऐसे नेता हैं जो ऐसे में सम्मेलन में जाने के बाद अपने घर नहीं लौटते हैं, वहीं बैठे रहते हैं। उन्होंने मशहूर लेखक कलबुर्गी का जिक्र करते हुए कहा कि आखिर सरकार ने उनकी सुरक्षा को लेकर ध्यान क्यों नहीं दिया। बता दें कि कलबुर्गी की हाल ही हत्या कर दी गई थी।