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कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर सख्त केंद्र का राज्यों को अल्टीमेटम

Fri, 03 Jul 2015 01:34 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
राघवेंद्र नारायण मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 03 Jul 2015 01:34 AM IST
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central govt ultimetam on kasturirangan report

वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने पारिस्थितिकी संवेदनशीलता पर जी कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर सख्त रुख अपनाने राज्यों को शीघ्र एक्शन रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया है। इससे पहले राज्यों को दी गई मोहलत समाप्त हो गई है।

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राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी। लिहाजा वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रकाश जावड़ेकर ने संबंधित राज्यों से इस बाबत बातचीत से समाधान निकालने का निर्णय लिया है।
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वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इस मुद्दे पर जनता की इच्छा का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है। इसलिए राज्यों को कुछ और मोहलत दी जा सकती है। इससे पहले निर्धारित समय सीमा 15 जून को ही समाप्त हो चुकी है।
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कोलॉजी संवेदनशील गांवों की पहचान

central govt ultimetam on kasturirangan report

केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि बार-बार समय देने के बावजूद एटीआर नहीं देने वाले राज्यों में केंद्र खुद इकोलॉजी संवेदनशील एरिया का रेखांकन करेगा। केरल ने एटीआर सौंप दिया है।

इसके अनुसार वहां 123 इकोलॉजी संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है। नक्शे पर आवासीय क्षेत्रों, वाटर बॉडीज, रेतीले मैदान, पौध रोपण और पहाड़ी क्षेत्रों को चिन्ह्ति किया गया है।

गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और तमिलनाडु से रिपोर्ट मांगी गई थी। कस्तूरीरंगन रिपोर्ट में राज्यों से वैसे गांवों को इकोलॉजी संवेदनशील एरिया घोषित करने को कहा गया था, जिसमें 20 प्रतिशत से अधिक वन क्षेत्र या प्राकृतिक लैंडस्केप है

रिपोर्ट में बताई गई संख्या से राज्य सरकारें सहमत नहीं हैं।अब केंद्र सरकार रिपोर्ट को लागू करने के लिए नई उच्च स्तरीय समिति गठित करने पर भी विचार कर रही है।

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