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बीमार बेटी को देखने विदेश जा सकेंगे गिलानी, पासपोर्ट मिला

Wed, 22 Jul 2015 09:06 PM IST
Updated Wed, 22 Jul 2015 09:06 PM IST
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central govt issued passport for gilani

कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को आखिरकार पासपोर्ट मिल ही गया। सरकार ने उन्हें मंगलवार को पासपोर्ट जारी कर दिया। दो महीने पहले गिलानी का आवेदन अपूर्ण जानकारी के आधार पर निरस्त कर दिया गया था।

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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गिलानी को जारी पासपोर्ट की वैधता नौ महीने की है। श्रीनगर में स्थानीय पासपोर्ट कार्यालय के एक अधिकारी ने भी हुर्रियत नेता को पासपोर्ट मिलने की पुष्टि की है। गिलानी ने मई में सऊदी अरब के जेद्दाह जाने के लिए पासपोर्ट का आवेदन किया था।
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वे अपनी बीमार बेटी को देखने के लिए जाना चाहते थे। तब विदेश मंत्रालय ने कहा था कि गिलानी ने आवेदन पत्र अधूरा भरा है। उन्होंने आवेदन शुल्क और फोटो नहीं दिए हैं। नियम के अनुसार आवेदनकर्ता को बायोमिट्रिक डिटेल्स और फोटो के लिए कार्यालय जाना पड़ता है।
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इन्हीं कमियों के कारण उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। इस मुद्दे ने काफी तूल पकड़ा था। यहां तक कि राज्य की सत्ता में साझीदार पीडीपी और भाजपा के परस्पर विरोधी रुख भी सामने आ गए थे।

दो महीने पहले निरस्त कर दी थी अर्जी

central govt issued passport for gilani

गिलानी को वर्ष 2007, 2008 और 2011 में पासपोर्ट मिला था। इस वर्ष मई के महीने में उन्होंने नए पासपोर्ट के लिए अर्जी दी थी, जिसे अपूर्ण जानकारी के आधार पर निरस्त कर दिया गया था। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी विरोध हुआ था।

राज्य में मौजूदा गठबंधन सरकार का हिस्सा बनी भाजपा द्वारा भी इसका यह कहकर विरोध किया गया था कि गिलानी भारतीय के रूप में अपनी राष्ट्रीयता की घोषणा करें और साथ ही राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए माफी मांगें।

लेकिन उनके सहयोगी दल पीडीपी द्वारा यह कहा गया था कि वह केंद्र सरकार से मांग करेंगे कि मानवीय आधार पर गिलानी को पासपोर्ट जारी किया जाना चाहिए।

हुर्रियत (ग) के प्रवक्ता अयाज अकबर भट ने बताया कि पासपोर्ट जारी होनी की बात उन्होंने भी सुनी है, लेकिन अभी पासपोर्ट मिला नहीं है। हालांकि जिस बीमार बेटी से मिलने गिलानी को जाना था, अब उनकी सेहत में सुधार हो गया है।

मालूम हो कि पिछले महीने नियमानुसार गिलानी ने पासपोर्ट कार्यालय जाकर बायोमिट्रिक डिटेल्स और राष्ट्रीयता कॉलम में भारतीय होने का उल्लेख किया था। लेकिन कार्यालय से बाहर आते समय पत्रकारों से बात करते उन्होंने एक बार फिर एक विवादित बयान देते हुए कहा कि मैं जन्म से भारतीय नहीं हूं लेकिन अपने आपको भारतीय कहलाना उनकी मजबूरी है।

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