रामदेव को अंडरवर्ल्ड-आतंकियों से खतरा, मिले 24 कमांडो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार ने योग गुरु बाबा रामदेव को जेड स्तर की वीआईपी सुरक्षा देने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि बाबा को अंडरवर्ल्ड और आतंकवादियों से जान का खतरा है।
साथ ही सरकार ने यूपीए के पूर्व मंत्रियों बेनी प्रसाद वर्मा, नवीन जिंदल, सचिन पायलट और जितिन प्रसाद की जेड सुरक्षा हटा ली है। गृह मंत्रालय के मुताबिक नियम के मुताबिक मंत्री पद से हटने के बाद इस स्तर की सुरक्षा हटा ली जाती है।
इस फैसले के बाद सीआरपीएफ के करीब 24 जवान व अधिकारी रामदेव की दिन रात सुरक्षा करेंगे। लाल बत्ती वाली एक पायलट गाड़ी इनके काफिले की अगुवाई भी करेगी। गृह मंत्रालय इस मामले में कुछ भी औपचारिक तौर पर नहीं बोल रहा।
मगर सूत्रों ने बताया कि केंद्र के सुरक्षा विभाग ने रामदेव सहित करीब दस लोगों की सुरक्षा का आकलन करने के बाद रामदेव को सुरक्षा देने के लिए हरी झंडी दी है।
सुरक्षा में तैनात होंगे सीआरपीएफ जवान
सूत्रों के मुताबिक रामदेव कई साल से केंद्र का सुरक्षा घेरा लेने की कोशिश में थे। उन्हें उत्तराखंड सरकार ने राज्य पुलिस की सुरक्षा दे रखी थी। लेकिन नियम के मुताबिक वह राज्य से बाहर दो दिन से ज्यादा सुरक्षा नहीं रख सकते थे।
गौरतलब है कि पिछली यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान सीबीआई ने रामदेव के खिलाफ अपने गुरु शंकर देव के गायब होने के मामले में जांच शुरू की थी। इस मामले में एजेंसी प्रीलिमनरी इनक्वायरी (पीई) दर्ज कर बाबा से दो बार पूछताछ कर चुकी है।
बाबा के गुरु शंकर देव 4 जुलाई 2007 को सुबह टहलने निकले, तो आज तक वापस नहीं लौटे हैं। बाबा रामदेव जून 2012 में पूरे देश की सुर्खियों में रहे जब भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में कर रहे आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें भीड़ में खदेड़ कर गिरफ्तार किया था।
रामदेव गिरफ्तारी के डर से अपनी महिला शिष्य के कपड़े पहन भीड़ में छुपने की कोशिश कर रहे थे। रामदेव ने काले धन के खिलाफ यूपीए सरकार को खूब कोसा था। भाजपा के नजदीकी माने जाने वाले रामदेव ने चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में कई रैलियों में हिस्सा भी लिया था।