नशेड़ियों की संख्या के लिए पहली बार सर्वे कराएगी सरकार
केंद्र के नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए पहली बार सरकार नशेड़ियों की संख्या जानने की कोशिश कर रही है। इसके लिए सर्वे कराए जाने की तैयारी है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय यह सर्वे कराएगा। विकलांगों के लिए चलाई जा रही मौजूदा योजनाओं में सुधार के लिए भी मंत्रालय एक सर्वेक्षण कराना चाहता है।
सर्वे से नशेड़ियों की वास्तविक संख्या, नशे की प्रकृति और उनकी दशा के बारे में जानकारी हासिल हो सकेगी।
माना जा रहा है कि राज्यवार किए जाने वाले इस सर्वे से सरकार को नशा उन्मूलन योजना दुरुस्त करने के लिए दिशा मिल सकेगी। एक अनुमान के मुताबिक फिलहाल देश में करीब आठ करोड़ नशेड़ी हैं।
विकलांगों को मिलेगा यूनिवर्सल पहचान पत्र
विकलांगों की मदद के लिए मोदी सरकार उन पर भी एक सर्वे कराना चाहती है। सरकार उन्हें तिपहिया साइकिल की जगह तिपहिया मोटर साइकिल देने पर भी विचार कर रही है। इस वाहन की कीमत 40 से 50 हजार रुपये है।
विकलांगों को पैराओलंपियन बनाने के लिए आम बजट में घोषित पैरा स्पोटर्स यूनिवर्सिटी तैयार करने की दिशा में पंजाब सरकार ने कामकाज शुरू कर दिया है। जबकि गुजरात और मध्य प्रदेश ने राज्य में इस यूनिवर्सिटी के क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की मांग की है।
इसके अलावा केंद्र सरकार ने विकलांगों को यूनिवर्सल पहचान पत्र देने का निर्णय भी लिया है। ताकि इस कार्ड के जरिए उन्हें देश में कहीं भी सरकारी लाभ मिल सकेगा।
सरकार के इस कदम से उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए हर जगह धक्के खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मंत्रालय ने वृद्ध जनों के रहने की सुविधा बढ़ाने के लिए वृद्धाश्रमों की संख्या में इजाफे का निर्णय भी लिया है।