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नए नागरिकों को वोटर बनाने के लिए कानून में संशोधन करेगी सरकार

Tue, 09 Feb 2016 04:04 AM IST
Updated Tue, 09 Feb 2016 04:04 AM IST
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central government will change in law

भारत व बांग्लादेश के बीच भूखंडों की अदला-बदली के लिए हुए समझौते के तहत सीमा पार से यहां  आने वाले  नए नागरिकों को मतदान का अधिकार देने के लिए केंद्र सरकार चुनाव से संबंधित दो कानूनों में संशोधन करेगी।

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इसके अलावा वह चुनाव आयोग को भी सीमित स्तर पर राज्य में परिसीमन की कवायद करने की अनुमति देगी। राज्य में अगले तीन महीने के भीतर चुनाव की प्रक्त्रिस्या पूरी होनी है।
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सरकारी सूत्रों ने यहां बताया कि परिसीमन अधिनियम, 2002 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 में संशोधन के लिए सरकार 23 फरवरी से शुरू होने वाले संसद के बजट अधिवेशन के दौरान ही एक विधेयक पेश करेगी।
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विधानसभा व लोकसभा क्षेत्रों का वोटर बना दिया जाएगा

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सूत्रों के मुताबिक, विधि मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हाल में हुई एक बैठक के दौरान चुनाव आयोग ने साफ कर दिया था कि बंगाल के नए नागरिकों को विधानसभा चुनावों से पहले मतदान का अधिकार मुहैया कराना जरूरी है। परिसीमन के बाद इन लोगों को विधानसभा व लोकसभा क्षेत्रों का वोटर बना दिया जाएगा।

ध्यान रहे कि भारत व बांग्लादेश ने बीते साल 31 जुलाई की आधी रात को 162 भूखंडों की अदला-बदली की थी। देश के विभाजन के बाद से ही भारत के 11 भूखंड बांग्लादेश में थे और बांग्लादेश के 51 भूखंड भारत में। इस अदला-बदली के तहत भारत का हिस्सा बने 51 भूखंडों के 14 हजार से ज्यादा लोग भारतीय नागरिक बन गए। उनके अलावा बांग्लादेश स्थित भूखंडों से भी 921 लोगों ने भारत की नागरिकता चुनी थी।

इससे पहले वर्ष 2013 में भी चुनाव आयोग को अनुसूचित जाति/अनुसूचति जनजाति क्षेत्रों में परिसीमन के लिए विशेष व सीमित अधिकार दिए गए थे। तत्कालानी यूपीए सरकार ने इसके लिए एक अध्यादेश जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2012 के एक फैसले को लागू करने के लिए ऐसा किया गया था।

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