पठानकोट हमले में केंद्र सरकार को होना पड़ा शर्मसार
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पंजाब के पठानकोट एयरफोर्स बेस पर आतंकी हमला मामले ने सरकार को शर्मसार कर दिया है। रविवार को चार आतंकियों के मारे जाने के बाद ऑपरेशन खत्म करने की घोषणा कर चुकी सरकार को उस समय शर्मिंदगी झेलनी पड़ी जब रविवार दोपहर सवा 12 बजे जिंदा बचे आतंकवादियों ने फिर से फायरिंग शुरू कर दी।
दोपहर बाद दो और आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। गृह सचिव राजीव महर्षि और एयरचीफ मार्शल ने आतंकी हमले में एयरफोर्स और एनएसजी के 7 जवानों के मारे जाने और 20 जवानों के घायल होने की जानकारी दी।
दोनों ने ऑपरेशन जल्द खत्म होने की उम्मीद जताई, मगर आतंकवादियों की संख्या सहित अन्य सवालों का जवाब देने से दूरी बना ली। महर्षि ने स्वीकार किया कि आतंकी हमले से पूर्व पंजाब में एक पुलिस अधीक्षक के अपहरण की घटना में इन्हीं आतंकवादियों का हाथ था।
इससे पहले रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घटना की विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद पीएम मोदी एक सरकारी कार्यक्रम के लिए मैसूर रवाना हो गए।
फिर से शुरू हुआ ऑपरेशन
रविवार को ही एनआईए के आईजी एसके सिंह के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम भी जांच के लिए एयरबेस पहुंच गई। गृह
सचिव ने बताया कि रविवार को जिंदा बचे आतंकवादियों के खिलाफ नए सिरे से
ऑपरेशन शुरू किया गया।
आतंकवादियों की संख्या सहित अन्य सवालों को उन्होंने
यह कह कर टाल दिया कि फिलहाल ऑपरेशन जारी है। उन्होंने बताया कि हमले में
अब तक 11 जवान शहीद हो चुके हैं, जबकि 16 घायल हैं।
शहीदों में एनएसजी अफसर
के अलावा एयरफोर्स के छग जवान शामिल हैं। इससे पहले भी एक और ग्रेनेड निष्क्रिय करने के दौरान एयरफोर्स का एक अधिकारी घायल हो गया। एनएसजी
के शहीद अफसर की पहचान लेक निरंजन ई कुमार के रूप में हुई है।