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अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट को PM का समर्थन

Wed, 18 Jun 2014 08:27 AM IST
पीयूष पांडेय/अमर उजाला, दिल्ली
पीयूष पांडेय/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 18 Jun 2014 08:27 AM IST
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central government support to to dream project of up governmet

यूपी में बढ़ते अपराध पर केंद्र की मोदी सरकार भले ही राज्य सरकार की मुखालफत कर रही हो लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट को समर्थन दिया है।

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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ड्रीम प्रोजेक्ट आईटी सिटी के निर्माण के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करने योग्य करार दिया है।

केंद्र ने मंगलवार को सर्वोच्च अदालत से कहा कि पर्यावरणीय या प्राकृतिक संसाधन से संबंधित विवाद के निपटारे का अधिकार नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) का है। कयोंकि एनजीटी का गठन इसीलिए किया गया है।

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'आईटी सिटी' में अटकेगा पर्यावरण मुद्दा?

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सर्वोच्च अदालत में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से दायर हलफनामे में हाईकोर्ट के उस आदेश का समर्थन करते हुए सही करार दिया गया है, जिसमें एनजीओ वी द पीपल को एनजीटी का दरवाजा खटखटाने को कहा गया था।

मंत्रालय ने खास तौर पर एनजीओ की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के कदम को गलत करार देते हुए कहा है कि चक गजरिया फार्म में सौ एकड़ भूमि पर प्रस्तावित आईटी सिटी और मेडिकल सिटी का मुद्दा पर्यावरण से जुड़ा हुआ है।

ऐसे में इसका निपटारा करने का अधिकार एनजीटी को है। एनजीओ को हाईकोर्ट ने एनजीटी जाने का विकल्प दिया, क्योंकि ट्राइब्यूनल का गठन केंद्र की ओर से प्राकृतिक संसाधनों या पर्यावरण से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए किया गया है।

इस मसले पर दायर याचिका स्वीकार योग्य और तर्कपूर्ण नहीं है।

हाईकोर्ट के निर्देश को केंद्र ने बताया सही

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केंद्र ने हलफनामे कहा है मंत्रालय का नजरिया यह है कि यह याचिका सर्वोच्च अदालत की ओर से खारिज किए जाने योग्य है। पर्यावरण मंत्रालय ने यह हलफनामा शीर्षस्थ अदालत की ओर से जारी किए गए नोटिस के जवाब में दायर किया है।

सरकार ने कहा है कि एनजीटी को पर्यावरण के मामले से जुड़े सवाल पर सिविल केस के निपटारे का अधिकार है। यदि कोई प्रदूषण या अन्य पर्यावरणीय नुकसान के खिलाफ याचिका दायर करता है।

लेकिन एनजीओ ने पूरी तरह से पर्यावरण संरक्षण के मामले पर एनजीटी की बजाय सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। ऐसे में याचिका खारिज किए जाने योग्य है। क्योंकि इस मामले के निपटारा एनजीटी के अधिकार क्षेत्र में है, जिसके बारे में हाईकोर्ट स्पष्ट आदेश जारी कर चुका है।

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18 जून को SC में सुनवाई

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एनजीओ की गुहार पर सर्वोच्च अदालत बुधवार (18 जून) को इस मामले पर सुनवाई करेगी।

गौरतलब है कि यूपी सरकार पहले ही अदालत को सूचित कर चुकी है कि इस जमीन का राज्य सरकार अधिग्रहण नहीं कर रही। भूमि एक सरकारी विभाग से दूसरे विभाग को स्थानांतरित की जा रही है।

इसमें आईटी सिटी, कैंसर संस्थान, सुपर स्पेशलिटी सेंटर, डेरी विभाग और प्रशासनिक अकादमी स्थापित की जानी है। हाईकोर्ट ने एनजीओ की जनहित याचिका का निपटारा कर उसे एनजीटी जाने को कहा था। लेकिन गैर सरकारी संगठन ने शीर्षस्थ अदालत में याचिका दायर की।

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