गुजरात दंगा पीड़ितों को नौकरी में छूट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार ने संभवत: पहली बार 2002 के गुजरात दंगों के पीड़ितों के रिश्तेदारों को खुफिया एजेंसी (आईबी) और सीआईएसएफ में नौकरी के लिए उम्र में पांच साल की छूट दी है।
लोकसभा चुनावों से पहले दो अलग-अलग जारी विज्ञापनों में गृह मंत्रालय ने कहा कि 2002 में गुजरात में हुए दंगे पीड़ितों के बच्चों और आश्रितों को नौकरी में अधिकतम पांच साल की छूट दी जाएगी।
CISF और IB में मिलेगी छूट
आईबी ने देशभर में सिक्योरिटी असिस्टेंट (एक्सिक्यूटिव) जनरल सेंट्रल सर्विस और ग्रुप सी में 514 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाए थे। आईबी पद के लिए आवेदन मंगाने की अंतिम तिथि 17 फरवरी थी।
सीआईएसएफ ने भी कांस्टेबल के 123 पदों के लिए आवेदन मंगाए थे, जिसकी अंतिम तिथि आठ फरवरी थी।
दंगा पीड़ितों को दी राहत
आईबी के विज्ञापन के मुताबिक, ‘पूर्व सैनिकों के अलावा जम्मू कश्मीर में 1 जनवरी, 1980 से 31 दिसंबर, 1989 के बीच आवेदकों और 2002 के गुजरात दंगा पीड़ितों के बच्चे और आश्रितों को उम्र सीमा में छूट दी जाएगी।
इस संबंध में सरकारी निर्देश समय-समय पर जारी किए जाते रहेंगे।’ सीआईएसएफ के विज्ञापन में गुजरात दंगों के अलावा 1984 के सिख विरोधी दंगा पीड़ितों के आश्रितों को भी उम्र में पांच साल की छूट दी गई है।