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राहुल की इमेज चमकाने को सरकार का नया दांव

Fri, 21 Feb 2014 07:44 AM IST
Updated Fri, 21 Feb 2014 07:44 AM IST
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Central government may increase parliament session

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के भ्रष्टाचार विरोधी चेहरे को मांज कर पेश करने की जुगत में लगी सरकार अब वर्तमान सत्र की अवधि बढ़ाने की कोशिशों में जुट गई है।

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उसकी योजना मौजूदा सत्र की दो बैठकें बढ़ा कर राहुल के भ्रष्टाचार विरोधी एजेंडे वाले बिलों को कानूनी जामा पहनाने की है। सत्र की अवधि बढ़ाने के लिए एक ओर जहां सरकार विपक्ष को मनाने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर आगामी शुक्रवार को कैबिनेट की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक बुलाई है।
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सत्र नहीं बढ़ा तो अध्यादेश आएगा!

Central government may increase parliament session

अगर विपक्ष सत्र का कार्यकाल बढ़ाने पर राजी नहीं हुआ तो सरकार भ्रष्टाचार विरोधी बिल पर अध्यादेश लाएगी। संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि सरकार की पहली कोशिश संसद में इन बिलों को पारित कर कानूनी जामा पहनाने का होगा।

अगर ऐसा नहीं हुआ तो इन सभी बिलों को कानूनी जामा पहनाने के लिए सरकार अध्यादेश का सहारा लेगी। कांग्रेस प्रवक्ता शशि थरूर ने भी कहा कि अगर यह छह बिल पारित नहीं हुए तो फिर अध्यादेश लाने के विकल्प पर गौर किया जाएगा।

व‌िपक्ष कर सकती है इनकार

Central government may increase parliament session

राहुल को आगे बढ़ाने की कवायद की सरकार की मंशा भांपते हुए विपक्ष अभी से सत्र की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार करना शुरू कर दिया है।

विपक्षी नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि बेहद महत्वपूर्ण बिल होने के कारण वह इसे किसी भी कीमत में हड़बड़ी में पारित नहीं कराने देगी।

बीते दिनों राहुल की भ्रष्टाचार विरोधी छह बिलों को पारित कराने के लिए शुरू की गई मुहिम के बाद सरकार ने शीतकालीन सत्र को दोबारा बुलाया था।

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कई ब‌िल है लंब‌ित

Central government may increase parliament session

राहुल ने बीते दिनों लंबित पड़े न्यायिक जवाबदेही, व्हिसल ब्लोवर प्रोटेक्शन, समय पर सेवा और सुनवाई का अधिकार, विदेशी और गैरसरकारी अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में रिश्वत निरोध, भ्रष्टाचार रोधी और सरकारी खरीद बिल को हर हाल में संसद से पारित कराने की मुहिम शुरू की थी।

मगर तेलंगाना पर मचे हंगामे के कारण इनमें से एक भी बिल को कानूनी जामा नहीं पहनाया जा सका। अब जबकि सत्र का कार्यकाल शुक्रवार को खत्म हो रहा है, तब सरकार सत्र की अवधि आगामी 25 फरवरी तक बढ़ा कर सभी बिलों को पारित कराना चाहती है।

इसके लिए शुक्रवार को कैबिनेट की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक बुलाई गई है।

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