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रिलायंस से साठगांठ के आरोप केंद्र ने किए खारिज

Fri, 02 Nov 2012 12:31 AM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 02 Nov 2012 12:31 AM IST
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Center discarded blames of nexus with reliance

केंद्र सरकार और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के बीच तथाकथित साठगांठ को उजागर करने वाले अरविंद केजरीवाल के आरोपों को सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक प्रेस नोट के जरिए रिलायंस की तरफदारी और पक्षपात करने की खबरों का खंडन किया है।

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मंत्रालय का कहना है कि उनके निर्णय बिना किसी भय या पक्षपात के लिए गए हैं। सरकार ने ऑडिट और गैस कीमत के संदर्भ में मीडिया में आई खबरों को भी आधारहीन बताया है। मंत्रालय ने आरआईएल को आवंटित केजी-डीडब्ल्यूएन- 98/3 ब्लॉक के संदर्भ में अपना यह खंडन पेश किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रतिनिधित्व वाली यूपीए एक और दो की सरकार ने राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर प्रत्येक निर्णय लिया है।
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दूसरी ओर मंत्रालय ने बुधवार को कैग के साथ होने वाली बैठक टलने के पीछे तकनीकी कारणों का हवाला दिया है। मंत्रालय का मानना है कि बैठक स्थगित होने से कैग के जरिए इन ब्लॉक का ऑडिट किसी प्रकार से प्रभावित नहीं होगा। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि वित्त वर्ष 2006-07 और 2007-08 में कैग ने केजी-डीडब्ल्यूएन 98/3 ब्लॉक समेत चार ब्लॉक का ऑडिट शुरू किया था। कैग ने अगस्त 2011 में रिपोर्ट पेश की थी, जो फिलहाल लोक लेखा समिति की जांच के अधीन है।
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इस रिपोर्ट में कैग ने यह संकेत दिया था कि वह भविष्य में भी इन ब्लॉक का ऑडिट कर सकता है। इसके बाद मई 2012 में यह निर्णय लिया गया कि कैग 2008-09 से 2011-12 के बीच इस ब्लॉक का फिर से ऑडिट करेगा। उस वक्त रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से कुछ आशंकाएं व्यक्त की गई थी और इस मुद्दे पर आगे चर्चा करने की इच्छा व्यक्त की थी। उम्मीद है कि इस मुद्दे को अगले कुछ हफ्ते में सुलझा लिया जाएगा।

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