राम रहीम की फिल्म को सेंसर बोर्ड का झटका
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डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की फिल्म ‘द मैसेंजर ऑफ गॉड’ के प्रदर्शन से पहले सेंसर बोर्ड ने जोर का झटका दिया है।
यह फिल्म 16 जनवरी को प्रदर्शित होने वाली थी लेकिन फिल्म सेंसर बोर्ड ने प्रमाण पत्र देने से मना कर दिया है। सेंसर बोर्ड की रिवाइजिंग कमेटी ने इसे ‘फिल्म ट्रिब्यूनल’ के पास भेजने की सिफारिश की है। इससे अब यह तय हो गया है की इस फिल्म के भाग्य का फैसला दिल्ली में होगा।
फिल्म ‘द मैसेंजर ऑफ गॉड’ को पहले सेंसर बोर्ड की रिवाइसिंग कमेटी ने देखा था और प्रमाण पत्र देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद फिल्म निर्माता ने कमेटी के फैसले को चुनौती दी और फिल्म को सेंसर बोर्ड की रिवाइजिंग कमेटी के सामने ले गए।
सोमवार को रिवाइजिंग कमेटी के आठ सदस्यों ने इस फिल्म को देखा। उसके बाद सभी सदस्य इस नतीजे पर पहुंचे कि इस फिल्म को सर्टिफिकेट देने के बजाय इसे ‘फिल्म ट्रिब्यूनल’ के पास भेजा जाय।
बोर्ड का फिल्म को प्रमाण पत्र देने से इंकार
सेंसर बोर्ड के एक सदस्य के अनुसार फिल्म में अंध विश्वास को बढ़ावा दिया गया है। इसके अलावा फिल्म में दूसरे धर्म के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले दृश्य और संवाद हैं, इसलिए फैसला फिल्म ट्रिब्यूनल पर छोड़ दिया गया है।
बताया जाता है की इस फिल्म में राम रहीम ने खुद को भगवान के रूप में पेश किया है। जिससे पंजाब और हरियाणा में इसका विरोध शुरू हो गया है।
आमिर खान के 'पीके' फिल्म के विरोध के बाद सेंसर बोर्ड कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। इसलिए सेंसर बोर्ड कमेटी फिल्म को प्रमाण पत्र जारी करने में सावधानी बरत रही है।
बाबा राम रहीम की यह फिल्म आगामी 16 जनवरी को देश के चार हजार सिनेमा घरों में प्रदर्शित होने वाली थी। उनके अनुयायियों के बीच उनकी हिंदी एक्शन थ्रिलर फिल्म का प्रचार जोरों पर चल रहा है।