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रिश्वत लेने पर सेंसर बोर्ड के CEO गिरफ्तार

Tue, 19 Aug 2014 12:07 PM IST
Updated Tue, 19 Aug 2014 12:07 PM IST
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Censor board ceo arrested in corruption case

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के सीईओ राकेश कुमार को रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। हाल ही में सीबीआई ने उनके घर पर छापा मारकर दस लाख 30 हजार रुपये और सोने-चांदी के गहने बड़ी मात्रा में बरामद किए थे।

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इसके बाद पिछले बृहस्पतिवार को एजेंसी ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था और सेंसर बोर्ड के एक पैनल मैंबर और एक एजेंट को गिरफ्तार किया था। इस वजह से सेंसर बोर्ड का कामकाज ठप्प पड़ गया है। जबकि प्रमाण पत्र पाने की कतार में लगी फिल्मों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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इस बीच बोर्ड से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि प्रमाण पत्र के लिए आने वाली फिल्मों की संख्या रोज बढ़ रही है। मुश्किल यह है कि मुंबई क्षेत्र में केवल 28 पैनल सदस्य हैं और हर स्क्रीनिंग में करीब चार सदस्यों और एक अधिकारी की जरूरत होती है।
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लगी फ‌िल्मों की लंबी कतारें

Censor board ceo arrested in corruption case

ऐसे में दिन में तीन से चार फिल्मों का प्रदर्शन संभव हो पाता है। बताया जा रहा है कि इस समय बोर्ड के सामने करीब 40 फिल्में और 60 से ज्यादा वीडियो फिल्में प्रमाण पत्र के लिए हैं। इनमें तमिल और बांग्ला फिल्में भी शामिल हैं।

सूत्र के अनुसार बोर्ड का कामकाज जब तक पटरी पर नहीं लौटेगा, फिल्मों को प्रमाण पत्र जारी करने में देरी होगी। इस समय जो फिल्में बोर्ड के पास हैं, उनमें फाइंडिंग फैनी, दावत-ए-इश्क, मैरीकॉम, क्रीचर, राजा नटवरलाल और देसी कट्टे शामिल हैं, जो अगस्त-सितंबर में रिलीज होंगी।

रिलीज से करीब 21 दिन पहले फिल्मों को सेंसर प्रमाण पत्र लेना पड़ता है। अगर फिल्मों को समय से सर्टिफिकेट नहीं मिला तो निर्माताओं को इनकी रिलीज आगे बढ़ानी पड़ सकती है।

क्या बड़े निर्माता करेंगे शिकायत?

Censor board ceo arrested in corruption case

बताया जा रहा है कि राकेश कुमार ने प्रमाण पत्र देने में कई बड़े निर्माता-निर्देशकों की फिल्मों को काफी लटकाया था। क्या ये लोग सीबीआई से इसकी शिकायत करेंगे? सू

त्रों के अनुसार हालिया रिलीज फिल्म ‘किक’ और ‘सिंघम रिटर्न्स’ को भी राकेश कुमार ने तब सर्टिफिकेट जारी किए, जब इसके निर्माता-निर्देशकों ने उनके घर-दफ्तर जाकर गुहार लगाई।

सीबीआई सूत्रों के अनुसार फिलहाल तो इन लोगों ने शिकायत नहीं की है, लेकिन जरूरत पड़ी तो सीबीआई अपने स्तर पर छानबीन कर सकती है।

सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष लीला सैमसन कह चुकी हैं कि राकेश कुमार द्वारा प्रमाण पत्र में देरी की शिकायतें उनके पास आई थीं। लेकिन घूस की शिकायत किसी ने नहीं की।

सैमसन के अनुसार जब देरी के मुद्दे पर उन्होंने राकेश कुमार से बात की थी तो वह सुनते रहे। मगर शिकायतों का सिलसिला रुका नहीं।

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