लोकसभा की छत से भी टपका पानी
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लोकसभा में बृहस्पतिवार को उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब राजधानी में देर शाम हुई भारी बारिश से सदन की छत से पानी टपकने लगा और कुछ सदस्यों को अपने स्थान से दूसरी सीटों पर जाना पड़ा।
आम बजट पर चर्चा और शून्यकाल के दौरान लगभग सवा घंटे तक लोकसभा की छत से पानी टपकता रहा और सदन की कार्यवाही चलती रही।
भारी बारिश के कारण देर शाम पौने आठ बजे के करीब अचानक सदन के लगभग बीचोंबीच पानी टपकने लगा। इस पर वहां बैठे एक-दो सदस्यों को अपनी जगह बदलनी पड़ी।
'ये कांग्रेस के आंसू हैं'
कुछ देर बाद एक सीट पर लगे साउंड और वोटिंग सिस्टम को पानी से बचाने के लिए टेप चिपकाया गया और सीट पर तौलिए रखे गए।
बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस की रंजीता रंजन ने पानी टपकने की ओर इशारा करते हुए कहा कि क्या यही अच्छे दिन आए हैं कि संसद की छत भी टपक रही है। इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने चुटकी लेते हुए कहा कि ये कांग्रेस के आंसू हैं।
'बुरे दिन तो आपके आए हैं नेताजी'
आम बजट पर चर्चा के दौरान सपा मुखिया को सत्ता पक्ष की चुटकियां झेलने पर भी मजबूर होना पड़ा।
जब उन्होंने भाजपा के अच्छे दिन लाने के वादे पर तंज कसते हुए कहा कि बजट के साथ ही बुरे दिन की शुरुआत हो गई तो सत्ता पक्ष के एक सदस्य ने पलटवार करते हुए कहा नेताजी बुरे दिन की शुरुआत तो आपकी हुई है। आपके सदस्यों की संख्या 22 से घटकर 4 पर आ गई है।