{"_id":"4fd4fb10-86e7-11e2-9052-d4ae52bc57c2","slug":"cbse-school-will-be-part-of-the-study-44-vocational-courses","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीबीएसई: अब स्कूली स्टडी का हिस्सा होंगे 44 कोर्स","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
सीबीएसई: अब स्कूली स्टडी का हिस्सा होंगे 44 कोर्स
जगाधरी/परमेश कुमार त्यागी
Updated Thu, 07 Mar 2013 11:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीएसई के विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें मनपसंद फील्ड चुनने के लिए बारहवीं तक की पढ़ाई खत्म होने का इंतजार नहीं करना पडे़गा। स्किल डेवलेपमेंट के लिए 44 नए प्रोफेशनल कोर्स अब स्कूल स्टडी का हिस्सा होंगे। सीबीएसई के आला अधिकारियों ने सभी स्कूलों को पत्र भेजकर पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए कहा है।
स्कूलों में उच्च माध्यमिक स्तर पर 40 व्यावसायिक पाठ्यक्रम और माध्यमिक स्तर पर चार पाठ्यक्रम पेश किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड ने नए पाठ्यक्रम पेश करने के लिए सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी आस्ट्रेलिया के साथ समझौता किया है। योजना के तहत शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का कार्य सीबीएसई व उद्योग जगत के सहयोगी करेंगे ताकि विद्यार्थियों को बेहतर व्यावसायिक शिक्षा प्रदान की जा सके।
इन पाठ्यक्रमों को किया शामिल
सीबीएसई ने उच्च माध्यमिक स्तर पर 40 व्यावसायिक पाठ्यक्रम पेश किए हैं। इसमें बैंकिंग, स्टेनोग्राफर, कार्यालय सचिव, लेखा, विपणन, खुदरा, वित्तीय बाजार प्रबंधन, कारोबार प्रशासन, इलेक्ट्रानिक प्रौद्योगिकी शामिल है।
विज्ञापन
स्कूल में उच्च माध्यमिक स्तर पर शुरू होने वाले पाठ्यक्रम में ऑटोमोबाइल प्रौद्योगिकी, सिविल इंजीनियरिंग, एयरकंडीशन एवं रेफ्रिजरेशन, इलेक्ट्रानिक प्रौद्योगिकी, भूगर्भ प्रौद्योगिकी, आईटी एप्लीकेशन, मेडिकल लैबोरेटरी तकनीकी, नर्सिंग, एक्सरे तकनीक, स्वास्थ्य विज्ञान और सौंदर्य अध्ययन शामिल है। इन पाठ्यक्रमों में चिकित्सा आंकलन, फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, संगीत तकनीक उत्पाद, सौंदर्य सेवा, पुस्तकालय विज्ञान, पोल्ट्री फॉर्मिंग, खाद्य उत्पादन, मास मीडिया एवं मीडिया प्रोडक्शन, यात्रा एवं पर्यटन आदि शामिल है।
विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा
सरस्वती पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल दीपक सिंगला का कहना है कि सीबीएसई ने 44 व्यावसायिक कोर्स शुरू करने से विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। इन कोर्सों के शुरू होने से विद्यार्थी पहले से ही अपनी पसंद की फील्ड चुन सकेंगे। स्कूल द्वारा जो भी कोर्स शुरू किया जाएगा, उसके टीचर से संबंधित जानकारी सीबीएसई को भेजनी होगी ताकि कोर्स के मुताबिक टीचर को प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। उन्होंने बताया कि उपरोक्त कोर्सों से जुड़ी जानकारी उन्हें मिल चुकी है। एक स्कूल एक समय में चार व्यावसायिक कोर्स शुरू कर सकता है। सभी पाठ्यक्रम 200-200 घंटे के होंगे।
विद्यार्थियों ने पहल को सराहा
विद्यार्थियों ने इस पहल की सराहना की है। मॉडल टाउन निवासी सीबीएसई स्कूल में पढ़ने वाले आकाश, विजय व रोहन का कहना है कि अब विद्यार्थियों को रूटीन के विषयों के साथ-साथ व्यावसायिक कोर्स पढ़ने का अवसर मिलेगा। जो विद्यार्थी बारहवीं के बाद अपने कोर्स का चयन करते थे, अब वे माध्यमिक व उच्च माध्यमिक के बाद तय कर पाएंगे।
सीबीएसई के उच्च माध्यमिक स्तर पर 40 व्यावसायिक पाठ्यक्रम पेश करने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करना है ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पूरी करने से पूर्व की अपना लक्ष्य तय कर सकें।
आरजे खांडेराव, क्षेत्रीय अधिकारी, सीबीएसई।
विज्ञापन
स्कूलों में उच्च माध्यमिक स्तर पर 40 व्यावसायिक पाठ्यक्रम और माध्यमिक स्तर पर चार पाठ्यक्रम पेश किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड ने नए पाठ्यक्रम पेश करने के लिए सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी आस्ट्रेलिया के साथ समझौता किया है। योजना के तहत शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का कार्य सीबीएसई व उद्योग जगत के सहयोगी करेंगे ताकि विद्यार्थियों को बेहतर व्यावसायिक शिक्षा प्रदान की जा सके।
विज्ञापन
इन पाठ्यक्रमों को किया शामिल
सीबीएसई ने उच्च माध्यमिक स्तर पर 40 व्यावसायिक पाठ्यक्रम पेश किए हैं। इसमें बैंकिंग, स्टेनोग्राफर, कार्यालय सचिव, लेखा, विपणन, खुदरा, वित्तीय बाजार प्रबंधन, कारोबार प्रशासन, इलेक्ट्रानिक प्रौद्योगिकी शामिल है।
विज्ञापन
स्कूल में उच्च माध्यमिक स्तर पर शुरू होने वाले पाठ्यक्रम में ऑटोमोबाइल प्रौद्योगिकी, सिविल इंजीनियरिंग, एयरकंडीशन एवं रेफ्रिजरेशन, इलेक्ट्रानिक प्रौद्योगिकी, भूगर्भ प्रौद्योगिकी, आईटी एप्लीकेशन, मेडिकल लैबोरेटरी तकनीकी, नर्सिंग, एक्सरे तकनीक, स्वास्थ्य विज्ञान और सौंदर्य अध्ययन शामिल है। इन पाठ्यक्रमों में चिकित्सा आंकलन, फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, संगीत तकनीक उत्पाद, सौंदर्य सेवा, पुस्तकालय विज्ञान, पोल्ट्री फॉर्मिंग, खाद्य उत्पादन, मास मीडिया एवं मीडिया प्रोडक्शन, यात्रा एवं पर्यटन आदि शामिल है।
विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा
सरस्वती पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल दीपक सिंगला का कहना है कि सीबीएसई ने 44 व्यावसायिक कोर्स शुरू करने से विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। इन कोर्सों के शुरू होने से विद्यार्थी पहले से ही अपनी पसंद की फील्ड चुन सकेंगे। स्कूल द्वारा जो भी कोर्स शुरू किया जाएगा, उसके टीचर से संबंधित जानकारी सीबीएसई को भेजनी होगी ताकि कोर्स के मुताबिक टीचर को प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। उन्होंने बताया कि उपरोक्त कोर्सों से जुड़ी जानकारी उन्हें मिल चुकी है। एक स्कूल एक समय में चार व्यावसायिक कोर्स शुरू कर सकता है। सभी पाठ्यक्रम 200-200 घंटे के होंगे।
विद्यार्थियों ने पहल को सराहा
विद्यार्थियों ने इस पहल की सराहना की है। मॉडल टाउन निवासी सीबीएसई स्कूल में पढ़ने वाले आकाश, विजय व रोहन का कहना है कि अब विद्यार्थियों को रूटीन के विषयों के साथ-साथ व्यावसायिक कोर्स पढ़ने का अवसर मिलेगा। जो विद्यार्थी बारहवीं के बाद अपने कोर्स का चयन करते थे, अब वे माध्यमिक व उच्च माध्यमिक के बाद तय कर पाएंगे।
सीबीएसई के उच्च माध्यमिक स्तर पर 40 व्यावसायिक पाठ्यक्रम पेश करने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करना है ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पूरी करने से पूर्व की अपना लक्ष्य तय कर सकें।
आरजे खांडेराव, क्षेत्रीय अधिकारी, सीबीएसई।