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'सरकार के दबाव में काम करती है सीबीआई'

Fri, 14 Dec 2012 09:20 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 14 Dec 2012 09:20 PM IST
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cbi works within its domain no political interference

सीबीआई के पूर्व निदेशक यूएस मिश्रा के जांच एजेंसी के सरकार के दबाव में काम करने के दावे से शुक्रवार को सियासत गरमा गई। उनके इस दावे के बाद भाजपा ने सरकार पर जोरदार हमला बोल दिया है। वहीं, सरकार ने मिश्रा के आरोपों को खारिज करते हुए सफाई दी है कि सीबीआई पूरी तरह स्वतंत्र संस्था है और उसके काम में सरकार कोई दखल नहीं देती।

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मिश्रा ने बृहस्पतिवार को एक चैनल से बातचीत में कहा था कि जब सीबीआई अहम राजनेताओं के खिलाफ किसी मामले की जांच करती है तो उस पर दबाव होता है कि या तो वह स्टेटस रिपोर्ट को लटका दे या फिर उसे किसी और तरह से पेश करे। उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल में वह जब बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच कर रहे थे तब उन पर भारी राजनीतिक दबाव था।
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मिश्रा के इस दावे ने भाजपा को सरकार पर हमले का नया मौका दे दिया। भाजपा के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को कहा कि हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि सरकार सीबीआई का दुरुपयोग अपने राजनीतिक फायदों के लिए कर रही है। अब मिश्रा के खुलासे ने हमारे आरोपों की फिर पुष्टि कर दी है।
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सीबीआई कांग्रेस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन बन चुकी है। जब उनसे पूछा गया कि राजीव शुक्ला तो कह रहे हैं कि मिश्रा राजग सरकार के समय सीबीआई निदेशक थे तो उनका कहना था कि मिश्रा ने जो बात कही है यह बात सीबीआई के दूसरे पूर्व निदेशक जोगिंदर सिंह भी कह चुके हैं।

वहीं, पीएमओ में राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि सीबीआई अपने हिसाब से काम करती है। सरकार उसके काम में कोई दखल नहीं देती है। कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने भी सीबीआई पर सरकार के किसी दबाव की बात को सिरे से खारिज कर दिया।

वहीं, संसदीय मामलों के राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने तो उलटे भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मिश्रा राजग के शासन के समय सीबीआई निदेशक थे। इसलिए उनके आरोपों पर भाजपा को जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मिश्रा बेमतलब विवाद खड़ा कर रहे हैं, जो अच्छी बात नहीं है।

जब सीबीआई राजनेताओं के खिलाफ किसी मामले की जांच करती है तो उस पर दबाव होता है कि वह या तो स्टेटस रिपोर्ट को लटका दे या फिर उसे किसी और तरह से पेश करे। मैं जब मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच कर रहा था तब मुझ पर भारी राजनीतिक दबाव था।

यूएस मिश्रा, सीबीआई के पूर्व निदेशक

हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि सरकार सीबीआई का दुरुपयोग अपने राजनीतिक फायदों के लिए कर रही है। अब मिश्रा के खुलासे ने हमारे आरोपों की फिर पुष्टि कर दी है।
वेंकैया नायडू, भाजपा

जहां तक मुझे याद है, मिश्रा राजग के शासन के समय सीबीआई निदेशक थे। इसलिए उनके आरोपों पर भाजपा को जवाब देना चाहिए।
राजीव शुक्ला, संसदीय मामलों के राज्यमंत्री

मिश्रा सही बोल रहे हैं। चारा घोटाले की जांच के समय मुझ पर भी दबाव डाला गया था।
जोगिंदर सिंह, सीबीआई के पूर्व निदेशक

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