SC ने सीबीआई के हवाले की व्यापम घोटाले की जांच
मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल व्यापम घोटाले से जुड़े सभी मामलों की जांच अब सीबीआई करेगी। इसके अलावा व्यापम घोटाले में हुई मौतों की जांच भी सीबीआई के हवाले कर दी गई है। सीबीआई 13 जुलाई से इस मामले की जांच अपने हाथ में ले लेगी। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी, जिसमें यह फैसला होगा कि इस केस की निगरानी किसके अधीन होगी।
इस मामले में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पहले सीबीआई से जांच को लेकर जवाब मांगा। अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया कि सीबीआई इस मामले की जांच के लिए तैयार है, जिसके बाद कोर्ट ने इस घोटाले से जुड़े सभी मामलों की जांच सीबीआई को सौंप दी। सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश सरकार ने भी सीबीआई जांच कराए जाने का समर्थन किया।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और तीन अन्य व्हिसलब्लोअरों आशीष चतुर्वेदी, डॉ. आनंद राय और प्रशांत पांडे की मामले की शीर्ष अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग संबंधी याचिका पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
राज्यपाल को भी नोटिस जारी
इससे पहले मध्य प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव से इस घोटाले में पूछताछ को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केद्र, राज्य सरकार और राज्यपाल को नोटिस जारी किया।
संजय शुक्ला ने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी कि इस मामले में राजभवन में भी घूस लेने के आरोप लग रहे हैं इसलिए राज्यपाल को इस मामले में पूछताछ से छूट क्यों दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश सरकार और राज्यपाल को नोटिस जारी कर इस मामले पर उनके रुख को लेकर 2 हफ्ते में जवाब मांगा है। कोर्ट ने राज्यपाल को हटाने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी किया है।
हाईकोर्ट ने किया था आदेश देने से इंकार
इससे पहले जबलपुर हाईकोर्ट ने बुधवार को मध्य प्रदेश सरकार की मामले की सीबीआई जांच कराने की आग्रह वाली अर्जी पर कोई भी आदेश देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा था कि चूंकि इसी विषय पर बृहस्पतिवार नौ जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में विचार होना है, लिहाजा सरकार के आवेदन पर हाईकोर्ट सुनवाई नहीं कर सकती।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के आवेदन समेत व्यापम से संबंधित अन्य विषयों पर विचार के लिए 20 जुलाई की अगली तारीख तय की है। बुधवार को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अजय माणिकराव खानविलकर और न्यायाधीश आलोक अराधे की बेंच के पास सुनवाई के लिए अर्जी लगी थी। हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को निर्धारित की है।
इस दिन एसटीएफ द्वारा पेश किए गए सीलबंद लिफाफे की रिपोर्ट और एसटीएफ द्वारा मांगी जा रही पेन ड्राइव के मुद्दे पर भी विचार किया जाएगा। बता दें कि चौतरफा दबाव में घिरे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को सरकार की ओर अर्जी भेजकर हाईकोर्ट से व्यापम मामले की जांच सीबीआई से कराने का आग्रह किया था।
'मैं अब राहत महसूस कर रहा हूं'
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा, 'मैं अब राहत महसूस कर रहा हूं कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। मेरे मन से एक बड़ा बोझ हट गया है।'
उन्होंने कहा कि इस घोटाले की आड़ में कांग्रेस ने उनके ऊपर घटिया तरह के आरोप लगाए और कमर से नीचे वार किया। कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में संदेह का एक माहौल पैदा किया। शिवराज ने कहा कि अब इस घोटाले में हुई मौतों का सच सामने आएगा।
वहीं, फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, 'मैं ईश्वर को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने एक भटके हुए मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि दी। सीबीआई जांच होने से इस घोटाले के ऊपर से पर्दा हटेगा और सच सामने आएगा।'
दिग्विजय ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अहंकार और दिखावे में डूबी है। उनकी नाक के नीचे इतना बड़ा घोटाला हो गया और उन्हें पता तक नहीं चला। उन्होंने कहा कि केस के सीबीआई के हाथों में जाने से इस घोटाले में हुई मौतों का सच भी सामने आएगा।