बदायूं रेप: सीबीआई उठाएगी बड़ा कदम
सीबीआई बदायूं बलात्कार और हत्याकांड में फर्जी जांच करने वाले यूपी पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश कर सकती है। जांच एजेंसी इस मामले में गलत तरीके से जेल में बंद पांच आरोपियों की जमानत याचिका का विरोध करने के भी मूड में नहीं है।
इन लोगों की बदायूं की दो बहनों के बलात्कार और हत्या में कोई सीधी भूमिका नहीं थी लेकिन इन्हें पिछले दो महीनों से जेल में बंद रखा गया है।
यूपी पुलिस बेवजह कर रही है प्रताड़ित
सूत्रों के मुताबिक पहली नजर में एफआईआर में दर्ज शिकायत एजेंसी की जांच के शुरुआती निष्कर्षों से मेल नहीं खाती। ऐसा लगता है कि कथित आरोपियों को यूपी पुलिस बेवजह प्रताड़ित कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में कुछ और ठोस सुबूतों का इंतजार किया जा रहा है। अगर ये सुबूत आरोपियों की ओर से दी जा रही दलीलों का समर्थन करते हैं तो एजेंसी इनकी ओर से दायर जमानत याचिका का विरोध भी नहीं करेगी।
'बेकसूरों को हिरासत में रखना अनुचित'
सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि बेकसूर लोगों को हिरासत में रखना अनुचित है। हम मामले की छानबीन कर रहे हैं।
अगर कथित आरोपियों के समर्थन में कुछ और सुबूत मिलते हैं तो हम उनकी याचिका का विरोध न करने का फैसला भी ले सकते हैं। दरअसल सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री की ओर से तीन अहम जांचों की रिपोर्ट आने के बाद ही सीबीआई के रुख में यह बदलाव आया है।