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स्टालिन के घर सीबीआई छापे पर घिरी सरकार
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 22 Mar 2013 12:05 AM IST
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द्रमुक के यूपीए सरकार से समर्थन वापस लेने के दो दिन बाद ही पार्टी नेता एमके स्टालिन के घर बृहस्पतिवार को सीबीआई ने छापेमारी की।
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सीबीआई की अचानक इस कार्रवाई को लेकर सरकार बुरी तरह घिर गई।
द्रमुक सुप्रीमो करुणानिधि के उत्तराधिकारी माने जा रहे स्टालिन के घर छापे को पार्टी ने राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। तो विपक्ष ने भी सीबीआई के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए सरकार पर जोरदार हमला बोला।
छापेमारी से उठे राजनीतिक बवंडर के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर वित्त मंत्री पी चिदंबरम समेत कई मंत्री सरकार के बचाव में सफाई देने उतरे कि इसमें सरकार का कोई हाथ नहीं है। वहीं, सीबीआई ने भी दावा किया है कि यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई।
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किसी को निशाना बनाकर कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि विवाद के बाद सीबीआई ने जांच के आदेश दिए हैं कि कहीं प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी तो नहीं हुई। सीबीआई के मुताबिक बुधवार रात डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) के निर्देश पर तमिलनाडु में 33 महंगी विदेशी कारों के आयात में हुई हेराफेरी के बाबत एफआईआर दर्ज की थी।
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इस मामले में कस्टम ड्यूटी की गड़बड़ी से सरकारी खजाने को करीब 48 करोड़ रुपये का चूना लगा है। इसी आधार पर 18 जगहों पर छापेमारी की गई और 17 गाड़ियां जब्त भी की गईं। इस सिलसिले में एलेक्स जी जोसफ नाम के दलाल और डीआरआई के एक अधिकारी को नामजद किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक स्टालिन के बेटे और करुणानिधि के पोते उदयानिधि ने एलेक्स से हमर कार खरीदी थी। बृहस्पतिवार की सुबह 6.30 बजे एजेंसी के चार अधिकारी उदयानिधि से पूछताछ के लिए स्टालिन के घर पहुंच गए।
सूत्रों के मुताबिक उदयानिधि ने सीबीआई को बताया कि उनकी कार वर्कशाप में हैं। वह गाड़ी के कागजात दिखाने को तैयार हो गए थे। लेकिन इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए स्टालिन सीबीआई अधिकारियों पर आगबबूला हो गए। हालांकि राजनीति के माहिर करुणानिधि के इशारे पर स्टालिन बाद में नरम जरूर हुए।
सीबीआई के छापे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है।
एमके स्टालिन, द्रमुक
छापे मारे जाने का समय बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है। हम कारणों का पता लगाएंगे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
मैं भी सीबीआई के दुरुपयोग का शिकार हो चुकी हूं। भाजपा हो या कांग्रेस, सत्ता में रहने वाला दल अपने फायदे के लिए सीबीआई का गलत इस्तेमाल करता रहा है।
मायावती, बसपा प्रमुख
स्टालिन के यहां पड़े सीबीआई के छापे इस बात का उदाहरण हैं कि यूपीए सरकार अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए किस तरह सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। जो भी गठबंधन से बाहर जा रहा है, उस पर सीबीआई का शिकंजा कस दिया जा रहा है।
राजीव प्रताप रूडी, भाजपा