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करुणानिधि के बेटे के घर सीबीआई का छापा
चेन्नई/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 21 Mar 2013 03:21 PM IST
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सीबीआई ने चेन्नई में द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि के बेटे एमके स्टालिन के घर सहित 19 जगहों पर छापे मारे हैं। सीबीआई स्टालिन के घर विदेशी गाड़ी को ढूंढने गई थी।
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एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि पर विदेशी गाड़ी पर इंपोर्ट ड्यूटी नहीं चुकाने का आरोप है। स्टालिन के घर सीबीआई पहुंचने की सूचना मिलते ही द्रमुक समर्थक भारी संख्या में जमा हो गए।
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यह मामला सात साल पुराना है। यह गाड़ी उदयनिधि के नाम पर है। सीबीआई ने स्टालिन के बेटे पर केस दर्ज कर लिया है।
वहीं, स्टालिन ने कहा कि सीबीआई की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। हम लोग कानूनी तरीके से मुकदमा लड़ेंगे। हमें जानकारी नहीं है कि सीबीआई ने यह छापा क्यों मारा?
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चिदंबरम और कमलनाथ ने निंदा की
केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और कमलनाथ ने सीबीआई छापे की निंदा की है।
चिंदबरम ने पीटीआई को बताया, 'मैं सीबीआई के कदम से बेहद नाराज हूं। मुझे सीबीआई छापेमारी की जानकारी सुबह 8.30 मिली। जो भी कारण रहा हो, मुझे लगता है कि सीबीआई के इस कदम का गलत तरीके से मतलब निकाला जाएगा। मैंनें इस बारे में वी नारायणसामी से बात की है जिनके जिम्मे सीबीआई है।'
छापे पर सीबीआई ने सफाई दी
एमके स्टालिन के घर पर पड़े छापे को लेकर मचे बवाल पर सीबीआई ने सफाई देते कहा है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की गई। इसका मकसद किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं था।
सीबीआई ने कहा कि उसने 33 वाहनों के आयात में कर चोरी के सिलसिले में एक मामला दर्ज किया है। इसी मामले में उसने इन ठिकानों पर छापे मारकर तलाशी ली।
इस दौरान 17 आयातित कारें दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 102(3) के तहत जब्त की गई है।
समर्थन वापस लेते ही छापे क्यों?
सीबीआई की छापेमारी पर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो चुकी है। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने सीबीआई की छापेमारी के समय पर उठाए हैं।
हुसैन ने कहा कि दो दिन पहले डीएमके का यूपीए से समर्थन वापस लेना और अब सीबीआई की छापेमारी, ऐसा क्यों? इससे सरकार पर सीबीआई और अन्य संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप सही साबित होता है।
चेन्नई में अवैध गाड़ियों की जांच
दरअसल इस मामले की जांच डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) कर रही है। डीआरआई और कस्टम की शिकायत ही सीबीआई टीम स्टालिन के घर गाड़ी को ढूंढने पहुंची।
डीआरआई को यह शिकायत मिली थी कि चेन्नई में कुछ लोग अवैध गाड़ियों की खरीद-फरोख्त में जुटे हैं। यहां कई ऐसी विदेशी गाड़ियां हैं जिन्हें बिना कर चुकाए गैरकानूनी तरीके से लाया गया। इस वजह से सरकारी खजाने को करीब 20 करोड़ रुपये का चूना लगा।
मंगलवार को डीएमके ने समर्थन वापस लिया
उल्लेखनीय है कि 18 सांसदों वाली एम करुणानिधि की पार्टी द्रमुक ने मंगलवार को श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे पर यूपीए सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। बाद में द्रमुक के पांच मंत्रियों ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
द्रमुक के ऐलान के बाद यूपीए के पास अब 233 सांसद हैं, जबकि सपा, बसपा, राजद और जेडीएस के 50 सांसदों का बाहर से समर्थन मिल रहा है।
इस तरह सरकार के पास द्रमुक के अलावा बहुमत के लिए जरूरी 271 सांसदों की संख्या से कुछ अधिक सदस्य (233+50=283) हैं।