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कोलगेट की जांच में सीबीआई की 16 ठिकानों पर छापेमारी

नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 16 Oct 2012 12:22 AM IST
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CBI raided 16 locations in Colgate scam

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भ्रष्टाचार के नए खुलासों के चलते कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला मामला भले ही शांत पड़ गया हो लेकिन इस मामले में सीबीआई की जांच रफ्तार पर है। सोमवार को जांच एजेंसी ने एक साथ देशभर में 16 ठिकानों पर छापेमारी की। इसके अलावा इस सिलसिले में दो नए मामले भी दर्ज किए गए हैं। इस तरह कोलगेट में दर्ज मामलों की संख्या नौ हो गई है।
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ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और कमल स्पॉन्ज स्टील एंड पावर लिमिटेड कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दोनों कंपनियों पर कोल ब्लॉक पाने के लिए नियमों को तोड़ने और गलत दस्तावेज पेश करने का आरोप है। एफआईआर में ग्रीन इंफ्रा. के छह निदेशकों और कमल स्पॉन्ज के तीन निदेशक और कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट का नाम भी है। इसके साथ केंद्र और राज्य सरकार के बेनामी अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है।


कमल स्पॉन्ज को 2008 में मध्य प्रदेश के थेसगुड्डा रुद्रपुरी कोल ब्लॉक आवंटित किया गया था। नेट वर्थ बढ़ाकर दिखाने के चलते कंपनी ने बिना ऑडिट के गलत बैलेंस शीट सरकार को दी जबकि कंपनी के पास ऑडिट की गई असली बैलेंस शीट मौजूद थी। दूसरी तरफ ग्रीन इंफ्रा. ने कंपनी की नेट वर्थ ज्यादा दिखाने के चक्कर में एक मलयेशिया की कंपनी को साझेदार के तौर पर दिखाया।

जबकि दोनों के बीच कोई कानूनी करार नहीं था। इस कंपनी को 2008 में ही छत्तीसगढ़ का फतेहपुर (पूर्वी) कोयला ब्लाक दिया गया था। सीबीआई ने हैदराबाद, सतना, विशाखापट्टनम, सिकंदराबाद,  जयपुर, राऊरकेला और दिल्ली स्थित कंपनी के ठिकानों पर सघन छापेमारी की है। इस कार्रवाई में मामले से संबंधी कागजात और कंप्यूटर के हार्ड डिस्क बरामद किए गए।

गौरतलब है कि सीवीसी की अनुशंसा पर सीबीआई 2006 से 09 के बीच आवंटित किए गए कोयला ब्लॉक आवंटन की जांच कर रही है। इसके पहले सीबीआई सात एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इन मामलों में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विजय दर्डा और उनके भाई व महाराष्ट्र के मंत्री राजेंद्र दर्डा को भी आरोपी बना चुकी है।

इनके साथ सात कंपनियों के दर्जन भर निदेशक भी नामजद हैं। इस मुद्दे पर मुख्य विपक्षी भाजपा ने सरकार को घेरा। इसी बीच सरकार ने सीबीआई से 1993 के बाद हुए सभी आवंटन की जांच करने को कहा है। सीबीआई इस मामले में भी शुरुआती कार्रवाई कर रही है।

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