{"_id":"ea19d905e98e9ac329e8ddf1cd378eb8","slug":"cbi-quizzes-maran-in-bsnl-case-hindi-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दयानिधि मारन से सीबीआई ने की पूछताछ","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
दयानिधि मारन से सीबीआई ने की पूछताछ
Updated Wed, 01 Jul 2015 05:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीआई ने पूर्व टेलीकॉम मंत्री दयानिधि मारन से गैरकानूनी बीएसएनएल एक्सचेंज मामले में घंटों पूछताछ की है। सीबीआई ने मारन से पूछताछ अपने मुख्यालय से की है।
यह पूछताछ सीबीआई टास्क फोर्स के अधिकारियों ने की है। उन्हें सोमवार को ही इस काम के लिए सीबीआई मुख्यालय बुलाया गया था लेकिन पूर्व तय कर्यक्रम की वजह से वह नहीं आ पाए।
इसके बाद मारन ने अग्रिम जमानत के लिए मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जहां से उन्हें कल जमानत मिल गई थी।
गौरतलब है कि इसी मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार सन टीवी के तीन अधिकारी मद्रास हाईकोर्ट से पहले ही जमानत पर रिहा हो चुके हैं।इनमें मारन के अतिरिक्त प्रावेट सेकेट्ररी वी गौतमन, मुख्य तकनीकी अधिकारी एस कन्नन और बिजली मैकेनिक एलएस रवि शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह पूछताछ सीबीआई टास्क फोर्स के अधिकारियों ने की है। उन्हें सोमवार को ही इस काम के लिए सीबीआई मुख्यालय बुलाया गया था लेकिन पूर्व तय कर्यक्रम की वजह से वह नहीं आ पाए।
विज्ञापन
इसके बाद मारन ने अग्रिम जमानत के लिए मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जहां से उन्हें कल जमानत मिल गई थी।
गौरतलब है कि इसी मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार सन टीवी के तीन अधिकारी मद्रास हाईकोर्ट से पहले ही जमानत पर रिहा हो चुके हैं।इनमें मारन के अतिरिक्त प्रावेट सेकेट्ररी वी गौतमन, मुख्य तकनीकी अधिकारी एस कन्नन और बिजली मैकेनिक एलएस रवि शामिल हैं।
विज्ञापन
क्या है मामला?
सीबीआई का आरोप है कि मारन के टेलीकॉम मंत्री रहते हुए उनके निवास पर बीएसएनएल की 200 लाइन लगाई गई थी I
जिन्हें गैरकानूनी तौर पर सन टीवी के ऑफिस में रुट किया गया था जिससे कंपनी को काफी नुकसान उठाना पड़ा था।
गौरतलब है कि मारन यूपीए सरकार के दौरान टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले में भी शामिल हैं और उनके खिलाफ सुनवाई चल रही है।
जिन्हें गैरकानूनी तौर पर सन टीवी के ऑफिस में रुट किया गया था जिससे कंपनी को काफी नुकसान उठाना पड़ा था।
गौरतलब है कि मारन यूपीए सरकार के दौरान टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले में भी शामिल हैं और उनके खिलाफ सुनवाई चल रही है।