शीना मर्डर केस: 900 करोड़ के लेन-देन की CBI करेगी जांच
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शीना मर्डर के एक के बाद एक नए मोड़ लेता जा रहा है। अब सीबीआई शीना मर्डर केस में ही 900 करोड़ के लेन-देन की जांच करेगी। गुरूवार को मुबंई की अदालत ने शीना बोरा मर्डर केस में मीडिया टायकून पीटर मुखर्जी की सीबीआई की कस्टडी को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया है।
पीटर मुखर्जी की कस्टडी बढ़ाने को लेकर सीबीआई की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर अनिल सिंह ने अदालत को बताया कि पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी ने वर्ष 2006-2007 के बीच में कई कंपनियां बनाकर 900 करोड़ रुपए का निवेश किया था।
अनिल सिंह ने अदालत को बताया कि इंद्राणी ने पूछताछ में इस बात का खुलासा किया है कि सिंगापुर में शीना बोरा का एचएसबीसी में एक बैंक खाता है।
सीबीआई ने इस बारे में इंटरपोल से मदद मांगी
यह बैंक खाता इंद्राणी की एक मित्र गायत्री आहूजा ने खुलवाया था। सीबीआई ने इस बारे में इंटरपोल से मदद मांगी है। सीबीआई ने अदालत को बताया कि इस मर्डर केस के पीछे पैसे और वित्तीय अनियमितता की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
सीबीआई ने कहा कि वित्तीय लेन-देन इस मर्डर के पीछे एक बड़ा कारण हो सकता है। पीटर मुखर्जी के वकील ने कहा कि उनके क्लाइंट को फंसाने के लिए एक मनगढ़त कहानी गढ़ी जा रही है। इसका कोई सिर-पैर नहीं है।
उन्होंने बताया कि जब इंद्राणी और पीटर गोवा में थे, उसके दो दिन बाद शीना बोरा का मर्डर हुआ था। शीना का मर्डर 24 अप्रैल, 2012 को हुआ था। और वो लोग वहां से लौटने के बाद इंग्लैंड चले गए थे।