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इशरत को आतंकवादी नहीं मान रही सीबीआई

Tue, 03 Dec 2013 12:34 AM IST
गुंजन कुमार/अमर उजाला, दिल्ली
गुंजन कुमार/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 03 Dec 2013 12:34 AM IST
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cbi not accepting ishrat as a terrorist

गुजरात पुलिस के हाथों कथित फर्जी एनकाउंटर में मारी गई इशरत जहां की पहचान को लेकर केंद्र सरकार ने भले चुप्पी साध रखी हो, मगर सीबीआई उसे आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जोड़ कर नहीं देख रही।

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सीबीआई ने फैसला किया है कि वह इस मामले की अतिरिक्त चार्जशीट में इशरत को आतंकवादी नहीं करार देने जा रही है। इशरत और उसके तीन साथियों के फर्जी एनकाउंटर की अतिरिक्त चार्जशीट जल्द ही दायर होने वाली है।
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इस चार्जशीट में खुफिया एजेंसी आईबी के पूर्व संयुक्त निदेशक राजेंद्र कुमार को भी हत्या और साजिश का आरोपी बनाने का फैसला लिया जा चुका है। कुमार के अलावा आईबी के तीन और अधिकारियों राजीव वानखेड़े, एम के मित्तल और सुनील सिन्हा का नाम भी शामिल किए जाने की संभावना है।
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सीबीआई के मुताबिक गुजरात राज्य आईबी के इन अधिकारियों ने पूर्व डीआईजी डीजी बंजारा के साथ मिलकर इशरत और उसने तीन साथियों की फर्जी एनकाउंटर में हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं इन्होंने उन्हें आतंकवादी साबित करने के लिए उनकी लाशों के पास अवैध ए के 56 जैसे हथियार रख दिए थे।

यह चार्जशीट गुजरात के पूर्व गृह राज्यमंत्री और नरेंद्र मोदी के नजदीकी अमित शाह को राहत दे सकती है। शाह फिलहाल भाजपा के उत्तर प्रदेश के चुनाव प्रभारी हैं।

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक इस एनकाउंटर में शाह के सीधे जुड़े होने के सटीक सबूत नहीं मिले। लिहाजा उनका नाम चार्जशीट में शामिल किए जाने की संभावना कम हो गई है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है।

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सूत्रों के मुताबिक अंतिम चार्जशीट के मसौदे की फाइल सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा के पास है। गौरतलब है कि 15 मई 2006 में इशरत और उनके तथाकथित तीन साथियों को अहमदाबाद के बाहर गुजरात पुलिस ने फर्जी एनकाउंटर में मार दिया था।


शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक तीन मारे गए लड़कों में दो पाकिस्तानी हैं। एनकाउंटर से पहले पुलिस ने आईबी अधिकारियों के साथ मिलकर इन चारों को अलग अलग समय पर अगवा कर रखा था। पुलिस टीम और आईबी को शक था कि ये चारों लश्कर के आतंकी हैं और मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या के लिए अहमदाबाद आ रहे थे।

एनकाउंटर पर मचे बवाल के बीच मुंबई के मुंब्रा की रहने वाली 19 वर्षीय इशरत की असली पहचान पर सवाल उठने लगे। जांच एजेंसियों को इशरत के आतंकी होने के कोई सबूत नहीं मिले।

हालांकि एक जांच अधिकारी ने दावा किया कि अमेरिका की जेल में बंद लश्कर आतंकी डेविड हेडली ने कहा था कि इशरत लश्कर की सदस्य है। लेकिन कुछ दिनों बाद केंद्र सरकार ने अधिकारी के इस दावे को खारिज कर दिया। तब से सरकार ने उसकी असली पहचान पर चुप्पी साध रखी है।

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