फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   CBI inquiry to mayawati

CBI करेगी मायावाती से पूछताछ, क्या है मामला?

Tue, 22 Sep 2015 08:39 AM IST
Updated Tue, 22 Sep 2015 08:39 AM IST
विज्ञापन
CBI inquiry to mayawati

सीबीआई उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाला मामले में राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती से जल्द ही पूछताछ करेगी।

विज्ञापन


इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह के मामले में भी मायावती से पूछताछ की तैयारी चल रही है। सीबीआई के शीर्षस्थ सूत्रों के मुताबिक, यह पूछताछ इन दोनों बहुचर्चित मामले के राजनैतिक और अफसरशाही षड्यंत्र से संबंधित होगी।
विज्ञापन


गौरतलब है कि 2011 में एनआरएचएम घोटाले से जुड़ी करीब पांच मौतों के बाद मामले के आरोपी और मायावती सरकार में परिवार कल्याण मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा और स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्रा को इस्तीफा देना पड़ा था। कुशवाहा मायावती के नजदीकी माने जाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूरा घोटाला सामने आया जब मामले से जुड़े दो मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विनोद आर्या और डॉ. बीपी सिंह की छह महीन के भीतर उनके घर के बाहर हत्या कर दी गई।

इन हत्याओं के लिए डिप्टी सीएमओ वाईएस सचान की गिरफ्तारी हुई, लेकिन जेल में उनकी भी रहस्यमयी तरीके से मौत हो गई। इस मामले में पीके जैन और बीएन श्रीवास्तव समेत दर्जन से भी ज्यादा अफसरशाह आरोपी हैं।

अफसरशाही षड्यंत्र से संबंधित होगी यह पड़ताल

CBI inquiry to mayawati

एनआरएचएम राज्यों के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के मकसद से लागू की गई केंद्र की योजना है। यह घोटाला करीब 5500 करोड़ रुपये का था।

वर्ष 2012 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एनआरएचएम योजना में हुए घोटाले के लिए मायावती सरकार को खुले तौर पर दोषी ठहराया था।

सूत्रों के मुताबिक मायावती से धनकुबेर यादव सिंह से बरामद अवैध करोड़ों रुपये के मामले में भी पूछताछ की जाएगी। यादव सिंह मुलायम सिंह, मायावती और अखिलेश यादव के कार्यकाल में फलते-फूलते रहे।

सिंह पर आयकर विभाग के छापे के बाद मिले करीब हजार करोड़ के नगद, जेवरात और अचल संपत्ति के खुलासे के बाद सीबीआई ने दो एफआईआर दर्ज की है।

सीबीआई की अब तक की जांच के मुताबिक यादव सिंह राजनीतिक सरपरस्ती में लंबे समय से अहम पदों पर बने रहते हुए बड़े वित्तीय फैसले करता था।

सूत्रों के मुताबिक सिंह के जरिए राजनीतिक और अफसरशाही तबके में पैसे भेजे जाते थे। सीबीआई के मुताबिक यादव सिंह सीबीआई को पूरे षड्यंत्र के बारे में खुल कर जानकारी नहीं दे रहा है। मायावती से पूछताछ के बाद आगे की जांच में सहायता मिलेगी।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के बंटवारे के बारे में होगी पूछताछ

CBI inquiry to mayawati

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान कुछ ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं, जिससे मायावती से पूछताछ जरूरी हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री से मुख्य तौर पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के बंटवारे और जिला परियोजना पदाधिकारी के 100 पद सृजित करने के मसले पर पूछताछ होगी।

सूत्रों ने बताया कि इन 100 पदों का सृजित गलत तरीके से किया गया था। घोटाले में इन जिला परियोजना पदाधिकारियों की अहम भूमिका रही।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed