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360 करोड़ की घूस, सीबीआई ने की पूछताछ

Sat, 28 Jun 2014 12:47 AM IST
Updated Sat, 28 Jun 2014 12:47 AM IST
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Cbi inquiry to governor of bengal

सीबीआई ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर करार मामले में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एमके नारायणन से पूछताछ की। पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से पूछताछ आरोपी के तौर पर नहीं बल्कि गवाह के रूप में हुई।

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80 वर्षीय नारायणन को शुक्रवार को अपना बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया गया था। वर्ष 2006 में हुई इस डील के दौरान वह बतौर एनएसए हेलीकॉप्टर सौदे के टेंडर प्रक्रिया में हुए फैसलों में भागीदार थे।

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360 करोड़ रुपए की घूस का मामला

Cbi inquiry to governor of bengal

सीबीआई ने इस मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी और उनके भाइयों समेत 13 लोगों को आरोपी बनाया है। आरोप है कि इस डील के नियमों को बदलने के लिए फैसलों से जुड़े लोगों को 360 करोड़ रुपये घूस के तौर पर दिए गए हैं।

मामले के खुलासे के बाद यूपीए सरकार ने बीते दिसंबर में इंग्लैंड और इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से 12 हेलीकॉप्टरों की डील रद्द कर दी थी।

सीबीआई के मुताबिक तकनीकी शर्तों को बदलना ही पूरे सौदे की अहम कड़ी है। लिहाजा सीबीआई को अदालत में अपनी बात साबित करने के लिए यह जानना जरूरी है कि नियमों में बदलाव किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में किए गए।

सीबीआई इस मामले में उस वक्त कैबिनेट सचिव रहे बीके चतुर्वेदी और महालेखा परीक्षक (कैग) शशिकांत शर्मा से पूछताछ कर चुकी है। शर्मा सौदे के दौरान रक्षा सचिव थे।

सीबीआई ने पता लगाया क्या?

Cbi inquiry to governor of bengal

मार्च 2005 में हुई बैठक के दौरान हेलीकॉप्टर की सर्विस सीलिंग (या वह ऊंचाई जिस पर हेलीकॉप्टर उड़ान भर सकते हैं) को 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर दिया गया था।

पूछताछ के दौरान नारायणन सीबीआई को बताया कि पूर्ववर्ती एनडीए सरकार के दौरान एनएसए रहे बृजेश मिश्रा ने दिसंबर 2003 में ही सर्विस सीलिंग को घटाने का निर्णय ले लिया था।

गोवा के राज्यपाल से भी की जाएगी पूछताछ
गोवा के राज्यपाल भारत वीर वांगचू को इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। वांगचू समझौते के वक्त एसपीजी प्रमुख थे और नारायणन की तरह ही टेंडर से जुड़े फैसलों में शामिल थे। दोनों 2005 में उस बैठक में शरीक हुए थे, जिसमें हेलीकॉप्टर की तकनीकी विशेषताओं में प्रमुख बदलाव की अनुमति दी थी।

नारायणन और वांगचू पर पद छोड़ने का दबाव
एनडीए सरकार पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एमके नारायणन और गोवा के राज्यपाल वांगचू पर पहले से ही अपना पद छोड़ने का दबाव बना रही है। सीबीआई के इस कदम के बाद इन दोनों पर अपना पद छोड़ने का दबाव और बढ़ सकता है। नारायणन को 2010 में पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।

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