बदायूं कांड: सीबीआई ने लिया बड़ा फैसला
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सीबीआई बदायूं रेप-हत्या मामले में पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं करेगी। उत्तर प्रदेश पुलिस ने दो नाबालिग बहनों के साथ बलात्कार और हत्या मामले में इन सभी को आरोप मानकर गिरफ्तार किया था।
नाबालिग बहनों के शव आम के एक पेड़ से लटके हुए पाए गए थे। पीटीआई के मुताबिक सीबीआई सूत्रों ने बताया कि पांचों आरोपियों के खिलाफ हत्या और बलात्कार में संलिप्तता संबंधी कोई सबूत नहीं मिला है।
सीबीआई के इस नए निष्कर्ष के चलते यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों को जल्द जमानत मिल सकती है क्योंकि उनकी 90 दिन की हिरासत की अवधि भी पूरी हो गई है। नियमों के मुताबिक, जांच एजेंसी को जघन्य अपराध मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के 90 दिन के अंदर जबकि अन्य मामलों में 60 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी होती है।
ऑनर किलिंग की संभावना से इंकार नहीं
सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मेडिकल बोर्ड ने अपने निष्कर्ष में पीड़िताओं के साथ यौन शोषण होने पर संदेह जताया है।
जांच एजेंसी के प्रवक्ता कंचन प्रसाद ने कहा कि सीबीआई अभी इन पांचों आरोपियों के खिलाफ कोई चार्जशीट दाखिल नहीं करेगी। सीबीआई ने हैदराबाद स्थित सेंटर फार डीएनए फिंगरप्रिटिंग और डायग्नोस्टिक्स (सीडीएफडी) की मदद ली थी जिसने नाबालिग बहनों के साथ यौन शोषण होने की बात को खारिज कर दिया।
साथ ही घटना के मामले में दोनों चचेरी बहनों के अभिभावकों के बयान भी एक दूसरे के विरोधाभासी थे। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ऑनर किलिंग की संभावना को नकार नहीं रही है।