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मप्र भाजपा अध्यक्ष को नहीं है व्यापम का अफसोस

Mon, 13 Jul 2015 11:29 AM IST
Updated Mon, 13 Jul 2015 11:29 AM IST
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CBI gears up for probing Vyapam Scam

व्यापम मुद्दे पर चौतरफा आलोचना का सामना कर रही भाजपा के नेता अपनी बेतुकी बयानबाजी से बाज नहीं आ रहे हैं। रविवार को मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि हमारी पार्टी को व्यापम घोटाले का कोई अफसोस नहीं है। लगभग सात लाख भर्तियों में से कोई एक हजार मामलों में अनियमितता की बात सामने आई है।

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यह आंकड़ा प्रतिशत में नहीं के बराबर होता है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गंगाजल की तरह पवित्र हैं। पार्टी की एक बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं घोटाले की जांच कराई है। लिहाजा इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
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व्यवस्था में थोड़ी बहुत गड़बड़ तो होती ही रहती है। उनके अनुसार व्यापम मामले में हुईं मौतों की संख्या को लेकर कांग्रेस भ्रम फैला रही है। अब तक 31 लोगों की मौत हुई है। इनमें से 15 मौतें एफआईआर दर्ज होने के पहले हुई हैं। जब उनसे पूछा गया कि बीजेपी तो 25 मौतें बताती रही है, ये 31 कब हो गईं तो पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि पहले 25 की संख्या पता चली थी। चौहान ने दावा किया कि कांग्रेस के शिवराज सिंह को बदनाम करने के प्रयास अंत में राज्य में उसकी और दुर्दशा के कारण बनेंगे।
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भाजपा 2018 के चुनाव में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लगातार चौथी बार जीत दर्ज करेगी। शिवराज राज्य में पार्टी के जन नायक बने रहेंगे। इसके पहले गृह मंत्री बाबूलाल गौर और हाल में राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किए गए कैलाश विजयवर्गीय ने भी बेतुके बयान देकर अपनी पार्टी के लिए मुश्किलें पैदा की थीं। गौर ने कहा था कि जो आया है, वह जाएगा। चाहे जेल में हो या रेल में।

वहीं पत्रकार अक्षय सिंह की मौत पर असंवेदनशील टिप्पणी करने के लिए विजयवर्गीय की तीखी आलोचना हुई थी।

केस से जुड़े 46 लोगों की गई जान

CBI gears up for probing Vyapam Scam

सीबीआई ने मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले की जांच के लिए संयुक्त निदेशक स्तर के एक अधिकारी के नेतृत्व में 40 अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर दी है। टीम सोमवार को भोपाल जांच अपने हाथ में लेने की प्रक्रिया शुरू कर देगी।

जांच एजेंसी के प्रेस सूचना अधिकारी आरके गौर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार घोटाले और उससे जुड़े मामलों की जांच के लिए टीम बना दी गई है। टीम में एजेंसी की विभिन्न शाखाओं के अधिकारियों को शामिल किया गया है। हालांकि मामले की संवदेनशीलता को देखते हुए सीबीआई अधिकारी टीम में शामिल लोगों और इसके हेड के बारे में पूरी गोपनीयता बरत रहे हैं।

एजेंसी ने उन खबरों को भी निराधार बताया है, जिसमें कहा गया था कि टीम की कमान बिहार कैडर के एक अधिकारी को सौंपी गई है। गौरतलब है कि अब तक ‌इस केस से जुड़े 46 लोगों की जान जा चुकी है।

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