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लालू पर मेहरबान सीबीआई निदेशक, केस खारिज की मांग

Fri, 14 Mar 2014 07:36 AM IST
Updated Fri, 14 Mar 2014 07:36 AM IST
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Cbi director ranjit sinha want dismissed case of lalu

सीबीआई के निदेशक रंजीत सिन्हा ने एक चौंकाने वाली पहल के तहत लालू यादव के खिलाफ चारा घोटाले से जुड़े तीन लंबित मामलों को खारिज करने की वकालत की है।

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लालू के खिलाफ आरोपों को खारिज करने के मामले में उनका नजरिया न सिर्फ अभियोजन निदेशक ओ पी वर्मा से अलग है बल्कि वह पटना जोन के प्रमुख समेत इस शाखा के आला अधिकारियों से भी इत्तेफाक नहीं रखते।

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दूसरों की अलग है राय

Cbi director ranjit sinha want dismissed case of lalu

रंजीत सिन्हा के खास आग्रह पर यह मामला सॉलिसीटर जनरल के पास भेजा गया है। हालांकि सीबीआई और अभियोजन निदेशकों के बीच मतभेद के मामले को सुलझाने के पदेन अधिकारी अटार्नी जनरल ही होते हैं।

रंजीत सिन्हा ने कहा है कि चारा घोटाले से जुड़े ज्यादातर मामलों में सुबूत और आरोपी एक ही हैं। ज्यादातर आरोपों की विषयवस्तु भी लगभग एक ही है। मेरा मानना है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ एक ही मामले में बार-बार मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है।

दोषी ठहराए जा चुके हैं लालू

Cbi director ranjit sinha want dismissed case of lalu

ऐसे मामले में तो बिल्कुल नहीं जिसमें उसे पहले ही दोषी ठहराया जा चुका हो और सुबूत भी समान हों। 26 फरवरी को सीबीआई निदेशक ने कहा था, ‘ इस मामले में मेरा मत अभियोजन निदेशक और जोन के वरिष्ठ अफसरों से अलग है।

बहरहाल अभी तो इस मुद्दे को तो सॉलिसीटर जनरल के पास भेजा जाए।’ गौरतलब है कि लालू यादव को चारा घोटाले के एक मामले में दोषी ठहराया जा चुका है।

सिन्हा ने जिन मामलों में लालू के खिलाफ आरोपों को खारिज करने की सिफारिश की है उनमें दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 के बीच दुमका ट्रेजरी से 3.13 करोड़ रुपये , 1990 और 1994 के बीच चाईबासा ट्रेजरी से 33.13 करोड़ रुपये  और 1992 से 1993 के बीच चाईबासी ट्रेजरी से कथित निकासी शामिल है।

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