कोलगेटः कई सवाल लेकर PM के दफ्तर पहुंची CBI

अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 23 Oct 2013 11:33 AM IST
cbi demanded papers of hindalco company
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कोल ब्लॉक आवंटन मामले की जांच की धीमी रफ्तार पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद सीबीआई अचानक से हरकत में आ गई है।
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मंगलवार को सर्वोच्च अदालत में नई स्टेटस रिपोर्ट सौंपने के तत्काल बाद सीबीआई ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से बिड़ला की कंपनी हिंडाल्को को कोल ब्लॉक आवंटित करने संबंधी सारे दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है।

सीबीआई के नए रुख से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह नए सिरे से विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने पूरे मामले में प्रधानमंत्री से देश के समक्ष पूरी सफाई पेश करने की मांग की है।


हालांकि पीएमओ में राज्यमंत्री वी नारायण सामी ने फिर कहा है कि इस मामले में सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।

जायसवाल ने पीएम का किया बचाव
केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने भी पीएम का बचाव करते हुए कहा कि मामले की जांच में सीबीआई को पूरा सहयोग दिया जा रहा है और मांगी गई सभी फाइलें मुहैया कराई गई हैं।

खास बात यह है कि पीएमओ ने सफाई दी थी कि आवंटन को मंजूरी उस समय की पात्रता के आधार पर दी गई थी। इसी के बाद सीबीआई ने दस्तावेज मांगे हैं।

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई यह जानने के प्रयास में है कि आखिर किन परिस्थितियों में सरकारी क्षेत्र की कंपनी को आवंटित होने वाले ब्लॉक को अचानक बिड़ला ग्रुप की कंपनी हिंडाल्को को ट्रांसफर कर दिया गया।

पूरे मामले में भ्रम की स्थिति
उधर, सीबीआई के इस कदम से प्रधानमंत्री फिर से विपक्ष के हमलों में घिर गए। पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि पीएमओ से सीबीआई के फाइलें मांगने के बाद पूरे मामले में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

साफ है कि सीबीआई पीएमओ की सफाई से संतुष्ट नहीं है। ऐसे में अब तक आधी अधूरी सफाई पेश करने वाले प्रधानमंत्री को अब देश के सामने पूरी सफाई पेश करनी चाहिए।

सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट पेश की
सीबीआई ने कोयला आवंटन घोटाले की जांच की ताजा जानकारी देते हुए मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में यथास्थिति रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि 29 अक्तूबर तय की है। सीबीआई ने यह रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपी है।

'अब भी पहले गियर में चल रही है जांच'

सीबीआई को जांच में रफ्तार पकड़नी होगी। छानबीन के मामले में आप अब भी फर्स्ट गियर में चल रहे हैं। आपके सामने काफी काम है और आपको छानबीन को नतीजे तक भी पहुंचाने होंगे।

पीएमओ दे चुका है सफाई
पीएमओ ने कुछ ही दिन पहले हिंडाल्को को कोयला ब्लॉक के आवंटन को सही ठहराते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनके समक्ष पेश किए गए मामले के गुणों के आधार पर कोयला ब्लॉक के आवंटन को मंजूरी दी थी।

क्या है मामला
2005 में ओडिशा के तालाबीरा-2 कोल ब्लॉक आवंटन के मामले में सीबीआई ने आदित्य बिड़ला समूह के प्रमुख कुमार मंगलम बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

क्या कहना है सीबीआई का
1. पीएमओ से कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़ी जानकारियां मंगाने का फैसला सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के बाद ही लिया गया। जांच एजेंसी ने स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के समय कोर्ट को कुमार मंगलम बिड़ला और पीसी पारिख के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की जानकारी दे दी।

2. कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़े घोटाले की जांच जारी है। आगे कोई भी नया कदम उठाने से पहले हम एफआईआर के हर पहलू की पड़ताल करेंगे।

3. पीएमओ को एक पत्र भेजा गया है। सीबीआई मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू करने से पहले फाइलों की समीक्षा करना चाहती है।

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