अमित शाह को सीबीआई कोर्ट की फटकार
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सीबीआई अदालत ने तुलसी प्रजापति फर्जी मुठभेड़ मामले में सुनवाई के लिए गैर हाजिर होने पर अमित शाह को फटकार लगाई है। गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री और भाजपा के यूपी प्रभारी शाह के वकील ने शुक्रवार को एक बार फिर बगैर कोई कारण बताए अपने मुवक्किल को अदालत में हाजिर होने से छूट मांगी।
इस पर अदालत ने वकील को फटकार लगाई। सीबीआई के वकील बी.पी. राजू ने शाह को अदालत में हाजिर होने से छूट देने से जुड़े आवेदन का विरोध किया। इसके बाद स्पेशल सीबीआई जज जे टी उटपट ने शाह के वकील से कहा कि हर बार आप अपने मुवक्किल के लिए बगैर कोई वजह बताए हाजिर होने से छूट मांगते हैं।
4 जुलाई को होगी सुनवाई
हालांकि अदालत ने छूट के आवेदन को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई चार जुलाई के लिए निर्धारित की है। इससे पहले छह जून को भी अदालत ने सुनवाई की तारीख आगे की थी। शाह के आवेदन में कहा गया है कि दिल्ली में राजनीतिक व्यस्तताओं की वजह से वह अदालत में हाजिर नहीं हो पा रहे हैं।
सीबीआई के मुताबिक नवंबर, 2005 में लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखने वाले गैंगस्टर सोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्नी कौसर बी का हैदराबाद से महाराष्ट्र के सांगली जाते वक्त गुजरात के आतंकवादी निरोधक दस्ते ने अपहरण कर लिया था और गांधीनगर के नजदीक फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था।
इस मुठभेड़ के गवाह तुलसीराम प्रजापति को 2006 में गुजरात पुलिस ने बनासकांठा के एक फर्जी मुठभेड़ में मार डाला था। यह मामला गुजरात से मुंबई भेज दिया गया था। इस मुठभेड़ में शाह के हाथ होने के आरोप हैं।