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गुजरात कैडर के अफसरों पर उलझन में सीबीआई

Wed, 01 Jul 2015 07:49 AM IST
Updated Wed, 01 Jul 2015 07:49 AM IST
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CBI confused on Gujarat cadre officers

सीबीआई में गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारियों को लेकर उलझन है। सवा महीने पहले गुजरात पुलिस से सीबीआई संयुक्त निदेशक (जेडी) के पद पर नियुक्त हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ए के शर्मा को अब तक कोई विभाग नहीं दिया गया है।

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जबकि बताया जाता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की इच्छा है कि शर्मा को अति महत्वपूर्ण और संवेदनशील पॉलिसी विभाग की जिम्मेदारी दी जाए। सीबीआई निदेशक अनिल सिन्हा फिलहाल इस मामले में फूंक फूंक कर कदम रख रहे हैं।
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सीबीआई सूत्रों ने दलील दी है कि शर्मा सीबीआई के कामकाज के तरीके और तकनीकी पहलुओं से रूबरू हो रहे हैं। उन्हें जल्द ही कोई विभाग दे दिया जाएगा।

सूत्र यह भी बता रहे हैं कि अनिल सिन्हा किसी नए अधिकारी को जेडीपी का पद देने में हिचक रहे हैं। उधर, गुजरात कैडर के एक और वरिष्ठ अधिकारी राकेश अस्थाना सीबीआई में आने का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।
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उन्हें पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा के कार्यकाल में ही अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) दे दिया गया था। शर्मा की नियुक्ति से पहले सीबीआई की वरिष्ठ अधिकारियों की फेहरिस्त में गुजरात कैडर के एकमात्र आईपीएस अधिकारी मुंबई जोन के जेडी केशव कुमार हैं।

निदेशक अनिल सिन्हा फूंक फूंक कर रख रहे कदम

CBI confused on Gujarat cadre officers

उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों ने बताया कि पॉलिसी विभाग के प्रमुख (जेडीपी) पीएमओ समेत सभी मंत्रालयों से सीधे संपर्क में रहते हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार के साथ सभी अहम बैठकों में निदेशक के बाद जेडीपी की अहम भूमिका होती है। फिलहाल बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी आर एस बस्सी पांच अहम विभागों के साथ जेडीपी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

गौरतलब है कि निदेशक अनिल सिन्हा भी बिहार कैडर के हैं। सूत्रों के मुताबिक पीएमओ की तरफ से शर्मा को जेडीपी पद पर बहाल करने के ठोस संकेत दिए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई के पीएमओ से सीधे संपर्क में रहने के उद्देश्य से शर्मा के लिए नया पद भी बनाया जा सकता है। हालांकि सीबीआई के कैडर नियंत्रण विभाग डीओपीटी ने इस संभावना को दूर की कौड़ी बताया है।

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