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सीबीआई को मिले सुराग बढ़ा सकती है बंसल की मुसीबत
नई दिल्ली/गुंजन कुमार
Updated Tue, 07 May 2013 12:43 AM IST
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प्रमोशन के लिए 12 करोड़ की घूस के मामले में सीबीआई को कुछ ऐसे सुराग हाथ लगे हैं, जिससे रेल मंत्री पवन बंसल की मुसीबत और बढ़ सकती है।
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करीब 2000 फोन कॉल्स की जांच कर रही सीबीआई को पता चला है कि रेल मंत्री के भांजे विजय सिंगला और उनके निजी सचिव लगातार संपर्क में थे।
हालांकि सीबीआई ने फिलहाल अपनी जांच एफआईआर में दर्ज लोगों तक ही सीमित रखी है। मगर आगे की जांच में नए तथ्य मिले तो रेल मंत्रालय के कुछ अधिकारियों और खुद रेल मंत्री को भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
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सीबीआई ने सवालों की एक फेहरिस्त तैयार की है, जिनके जवाब रेल मंत्रालय से मांगे जाएंगे। इनमें यह जानकारी मांगी जा रही है कि रेलवे बोर्ड मेंबर महेश कुमार की नई नियुक्ति के लिए बने पैनल में कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे।
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साथ ही यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि इस मामले में रेल मंत्री की कितनी भूमिका थी। सीबीआई के मुताबिक जांच का मुख्य मकसद एजेंसी की तीन महीने की मेहनत से हुए इस पर्दाफाश को अदालत में साबित करना है।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक विजय सिंगला और उसके गिरोह की पहुंच मंत्रालय में किस हद तक थी, इसकी जांच की जा रही है। इस मामले में सिंगला के नजदीकी अजय गर्ग सहित छह लोगों की तलाश की जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि गर्ग, सिंगला के साथ उस वक्त मौजूद था, जब 90 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था। लेकिन सीबीआई टीम की दबिश के पहले गर्ग मौके से जा चुका था। एजेंसी ने सिंगला और महेश कुमार से अपनी हिरासत में सोमवार देर शाम औपचारिक पूछताछ शुरू कर दी है।
अहम सुरागः
--सीबीआई को सिंगला और बंसल के निजी सचिव की फोन पर देर रात तक बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं। इस बातचीत में पवन बंसल का नाम भी लिया गया है, लेकिन साधारण बातचीत कानूनन जुर्म नहीं है। एजेंसी यह पता कर रही है कि इस घूसखोरी से इन बातचीत का कितना गहरा संबंध है।
--2000 फोन कॉल्स की डिटेल खंगाल रही है एजेंसी।