फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   CBI chief can go on vacation until retirement.

रिटायरमेंट तक छुट्टी पर जा सकते हैं सीबीआई चीफ

Fri, 12 Sep 2014 09:12 AM IST
गुंजन कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
गुंजन कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 12 Sep 2014 09:12 AM IST
विज्ञापन
CBI chief can go on vacation until retirement.

टूजी और कोयला घोटाले के आरोपियों से अपने सरकारी आवास पर मिलने के आरोप में बुरी तरफ फंसे सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा विवादित गेस्ट लिस्ट की खामियों से ही बचाव का रास्ता निकालने की कोशिश में हैं।

विज्ञापन


उधर, सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख और फजीहत से बचने के मद्देनजर सिन्हा पर लंबी छुट्टी पर चले जाने का जबरदस्त दबाव है। चर्चा है कि अगले 2-3 दिनों में सिन्हा अपने रिटायरमेंट तक छुट्टी पर चले जाने का फैसला कर सकते हैं।
विज्ञापन


सीबीआई निदेशक को टूजी मामले में 15 और कोयला घोटाला मामले में 19 तारीख को अपने ऊपर लगे आरोपों के बचाव में अदालत को जवाब देना है।

इन जवाबों के जरिए सिन्हा के कानूनी सलाहकार गेस्ट लिस्ट की खामियों को साजिश की शक्ल देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

सिन्हा अपनी पत्नी के साथ 8 से 13 अप्रैल तक इटली और वैटिकन सिटी की यात्रा पर थे, लेकिन गेस्ट लिस्ट में मुलाकात करने वालों की इंट्री को आधार बनाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने की है तल्ख टिप्पणी

CBI chief can go on vacation until retirement.

वकील प्रशांत भूषण की ओर से सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई कथित गेस्ट लिस्ट में वैसे कुछ लोगों के भी नाम मौजूद हैं, जो उनकी अनुपस्थिति में सिन्हा के सरकारी आवास गए और करीब दो घंटे का समय बिताया। इनमें से एक नाम शिव बाबू का है।

माना जाता है कि शिव बाबू सिन्हा और उनके परिवार को लंबे समय से जानता है। लेकिन 8 से 13 अप्रैल तक सिन्हा के आवास पर ना तो उनकी पत्नी थीं और ना हीं उनके बच्चे। सिन्हा की लड़की रायपुर में रहती हैं और लड़का हालैंड में है।

सूत्रों के मुताबिक गेस्ट लिस्ट में करीब दो दर्जन ऐसी गाड़ियों की इंट्री है, जिनके रजिस्ट्रेशन नंबर की तस्दीक ट्रांसपोर्ट विभाग नहीं कर पा रहा है।

इसके अलावा सिन्हा इस बात को भी अपने बचाव का आधार बना रहे हैं कि उनके आवास पर आने वाले सीबीआई के उन अधिकारियों का नाम गेस्ट लिस्ट में नहीं है, जो काम के सिलसिले में उनके आवास आते जाते थे।

सीबीआई के अंदरूनी जांच में अब तक यह गुत्थी नहीं सुलझ पाई है कि आखिर किसने पिछले पंद्रह महीने से यह गेस्ट लिस्ट तैयार की और उसे प्रशांत भूषण तक पहुंचाया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed