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रक्षा सौदे में धांधली, ब्रिगेडियर के खिलाफ FIR

Sun, 05 Jan 2014 12:12 AM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 05 Jan 2014 12:12 AM IST
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CBI books Brigadier in a case offshoot of VVIP copter deal scam

अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील की इटली और भारत में चल रही जांच में रक्षा सौदे से जुड़ा एक और मामला सामने आया है।

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शनिवार को सीबीआई की दायर ताजा एफआईआर के मुताबिक सेना के एक ब्रिगेडियर ने 197 हल्के हेलीकॉप्टरों के सौदे की शर्तों को प्रभावित कर इटली की कंपनी को मदद करने की कोशिश की थी।

एफआईआर में ब्रिगेडियर वीएस सैनी सहित सेना के अन्य अनाम अधिकारियों और निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है।

यह मामला तब खुला जब अगस्ता वेस्टलैंड सौदे के मुख्य इतालवी दलाल हैश्के की मां के घर छापेमारी में मिले कागजातों का बारीक अध्ययन किया गया। यह छापेमारी अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे की जांच के दौरान इतालवी एजेंसियों ने की थी।
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रक्षा मंत्रालय और सीबीआई के अनुरोध पर इटली सरकार ने यह कागजात भारत को सौंपे हैं। इस कागजात से ठोस सुराग मिले हैं कि ब्रिगेडियर सैनी ने 197 हेलीकॉप्टर के सौदे को हरी झंडी दिलवाने के लिए 50 लाख यूरो की घूस की मांग की थी। गौरतलब है कि हैश्के अगस्ता मामले का मुख्य आरोपी है।
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सीबीआई सूत्रों ने बताया कि ब्रिगेडियर सैनी और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, सरकारी पद के दुरुपयोग और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

सूत्रों ने बताया ब्रिगेडियर सैनी हल्के हेलीकाप्टर के ट्रायल टीम के सदस्यों में एक थे और उन्होंने कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए दस्तावेजों में हेराफेरी की।

रक्षा विमानन सौदा 197 हल्के हेलीकॉप्टरों की खरीद से जुड़ा था जिसका उपयोग सियाचिन, लद्दाख, उत्तरी कश्मीर और पूर्वोत्तर के दुर्गम इलाकों में किया जाना था।


इन हल्के हेलीकाप्टरों को चीता या चेतक के विकल्प के रूप में देखा जा रहा था। हेलीकाप्टर खरीद पर विवाद उठने के बाद भारत ने इस रक्षा सौदे को 2009 में ही रद्द कर दिया है।

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